UP Chunav 2022: बनारस की आठों सीटों के लिए आज साफ हो सकती है तस्वीर, भाजपा में टिकट के दावेदारों की बढ़ी धड़कन

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 04 Feb 2022 10:47 AM IST

सार

 वाराणसी में सातवें चरण में चुनाव है। अब तक किसी भी सीट पर भाजपा या समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी का एलान नहीं किया है। शुक्रवार शाम तक भाजपा अपने पत्ते खोल सकती है। 10 फरवरी से वाराणसी में नामांकन शुरू होना है, ऐसे में इससे पहले सभी दल प्रत्याशियों को मैदान में उतार देंगे।

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यूपी विधानसभा चुनाव के लिए छठवें चरण में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। सातवें चरण में होने वाले वाराणसी सहित आसपास के जिलों की विधानसभाओं के भाजपा के दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं। खबर है कि वाराणसी की सीटों पर मंथन के लिए शुक्रवार को दिल्ली में अहम बैठक होने वाली है।

इस बैठक के बाद बनारस की आठों विधानसभा पर भाजपा की तस्वीर साफ हो सकती है। उधर, सपा गठबंधन, बसपा और कांग्रेस ने भी कई सीटों पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। 10 फरवरी से वाराणसी में नामांकन शुरू होना है, ऐसे में इससे पहले सभी दल प्रत्याशियों को मैदान में उतार देंगे।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने छह सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे और सेवापुरी विधानसभा अपना दल (एस) के खाते में गई थी। उस समय भाजपा के सहयोगी दल रहे सुभासपा के खाते में अजगरा (सु) सीट गई थी। इस बार समीकरण बदले हैं और सुभासपा अब सपा के साथ खड़ी है।

दरअसल, वर्ष 2017 में वाराणसी की छह सीटों में शिवपुर से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, उत्तरी से राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, दक्षिणी से राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. नीलकंठ तिवारी, कैंट से सौरभ श्रीवास्तव, पिंडरा से डा. अवधेश सिंह और रोहनिया से सुरेंद्र नारायण सिंह विजयी हुए थे।

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इसके अलावा सेवापुरी से अपना दल एस के नील रतन पटेल और अजगरा से कैलाश सोनकर विधानसभा पहुंचे थे। फिलहाल सभी सीटों दावेदारों की लंबी सूची है। सभी को पार्टी की सूची का इंतजार है।

विस्तार

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए छठवें चरण में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। सातवें चरण में होने वाले वाराणसी सहित आसपास के जिलों की विधानसभाओं के भाजपा के दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं। खबर है कि वाराणसी की सीटों पर मंथन के लिए शुक्रवार को दिल्ली में अहम बैठक होने वाली है।

इस बैठक के बाद बनारस की आठों विधानसभा पर भाजपा की तस्वीर साफ हो सकती है। उधर, सपा गठबंधन, बसपा और कांग्रेस ने भी कई सीटों पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। 10 फरवरी से वाराणसी में नामांकन शुरू होना है, ऐसे में इससे पहले सभी दल प्रत्याशियों को मैदान में उतार देंगे।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने छह सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे और सेवापुरी विधानसभा अपना दल (एस) के खाते में गई थी। उस समय भाजपा के सहयोगी दल रहे सुभासपा के खाते में अजगरा (सु) सीट गई थी। इस बार समीकरण बदले हैं और सुभासपा अब सपा के साथ खड़ी है।

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