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UP: अनियमित तरीके से किसानों और उपभोक्ताओं से जीएसटी वसूल रहीं बिजली कंपनियां, सरकार की रोक के बाद भी वसूली

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सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Istock

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उपभोक्ताओं को मंहगी बिजली से राहत देने के लिए उप्र विद्युत नियामक आयोग की सख्ती के बावजूद बिजली कंपनियों ने नया रास्ता खोज लिया है। कंपनियां गुपचुप तरीके से आयोग द्वारा जारी रेट चार्ट (कॉस्ट डाटा बुक) को  ऑनलाइन सॉफ्टवेयर (ईआरपी) से हटाकर स्टॉक इशू रेट सूची अपलोड कर वसूली कर रही हैं। 

इसी प्रकार किसानों और सामान्य उपभोक्ताओं से कनेक्शन के एस्टीमेट में 18 से 39 प्रतिशत तक जीएसटी वसूली जा रही है, जबकि केंद्रीय कानून के तहत जीएसटी वसूलने पर मनाही है। 

उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि कंपनियां 25 जून के बाद कनेक्शन के एस्टीमेट में किसानों से 18 प्रतिशत और घरेलू व अन्य उपभोक्ताओं से 39 प्रतिशत जीएसटी ले रही हैं। 

वर्तमान में कॉरपोरेशन नियम विरुद्ध 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर जीएसटी ले रहा है। ईआरपी में अपलोड स्टॉक इशू रेट वाली सूची से वसूली के बारे में अभियंताओं को जानकारी है, लेकिन कोई आवाज नहीं उठा रहा। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए। जल्द ही परिषद नियामक आयोग में याचिका दाखिल करेगी। 
 

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विस्तार

उपभोक्ताओं को मंहगी बिजली से राहत देने के लिए उप्र विद्युत नियामक आयोग की सख्ती के बावजूद बिजली कंपनियों ने नया रास्ता खोज लिया है। कंपनियां गुपचुप तरीके से आयोग द्वारा जारी रेट चार्ट (कॉस्ट डाटा बुक) को  ऑनलाइन सॉफ्टवेयर (ईआरपी) से हटाकर स्टॉक इशू रेट सूची अपलोड कर वसूली कर रही हैं। 

इसी प्रकार किसानों और सामान्य उपभोक्ताओं से कनेक्शन के एस्टीमेट में 18 से 39 प्रतिशत तक जीएसटी वसूली जा रही है, जबकि केंद्रीय कानून के तहत जीएसटी वसूलने पर मनाही है। 

उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि कंपनियां 25 जून के बाद कनेक्शन के एस्टीमेट में किसानों से 18 प्रतिशत और घरेलू व अन्य उपभोक्ताओं से 39 प्रतिशत जीएसटी ले रही हैं। 

वर्तमान में कॉरपोरेशन नियम विरुद्ध 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर जीएसटी ले रहा है। ईआरपी में अपलोड स्टॉक इशू रेट वाली सूची से वसूली के बारे में अभियंताओं को जानकारी है, लेकिन कोई आवाज नहीं उठा रहा। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए। जल्द ही परिषद नियामक आयोग में याचिका दाखिल करेगी। 

 

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