UP: ‘भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने में आना मना है..,’ जानें कौन हैं वो भाजपाई जिन्होंने थाने के बाहर लगाया पोस्टर, अब हुए गिरफ्तार

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भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार दोपहर मेरठ जिले के मेडिकल थाने में तीन घंटे तक हंगामा किया। भाजपाई एक विधवा की दुकान पर अवैध कब्जा हटवाने की मांग लेकर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने भाजपाइयों को बाहर जाने को कहा। इसके बाद भाजपाइयों ने थाने के गेट पर बैनर लगाकर धरना प्रदर्शन किया। बैनर पर लिखा गया- भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने में आना मना है। बाद में यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस बारे में फेसबुक पर टिप्पणी की। पुलिस ने शनिवार को इस मामले में सागर पोसवाल और शंभू पहलवान समेत छह आरोपी गिरफ्तार किए हैं भाजपाइयों के मुताबिक इंचौली थानाक्षेत्र के मसूरी गांव निवासी पूजा की शादी चार साल पहले नौचंदी क्षेत्र के वैशाली कॉलोनी निवासी अवधेश से हुई थी। 21 अक्तूबर को बीमारी के चलते अवधेश की मौत हो गई थी। पति के नाम गढ़ रोड पर मेडिकल क्षेत्र में एक दुकान है।

आरोप है कि ससुर और देवर ने दुकान पर कब्जा कर लिया है। पति की मौत के बाद ससुर व देवर उसे खाली नहीं कर रहे हैं। चार दिन पहले वह भाई के साथ दुकान पर गई थीं। इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। 

 

शुक्रवार को पीड़िता भाजपा कार्यकर्ता सागर पोसवाल, शंभू पहलवान सहित अन्य के साथ थाने पहुंची थी। पुलिस ने महिला के ससुर और देवर को भी थाने बुला लिया था। दोनों पक्षों में बात नहीं बनी। इसके बाद थाना प्रभारी संतशरण सिंह ने भाजपाइयों को थाने से बाहर जाने को कह दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। जानकारी मिलने पर भाजपा नेता राजेश निगम, राहुल कस्तला, कुलदीप मसूरी समेत कई भाजपाई भी थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। 

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उन्होंने अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। काफी हंगामे के बाद थाने पहुंचे सीओ सिविल लाइन देवेश कुमार ने भी समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान भाजपाइयों ने थाने के बाहर एक बैनर लगा दिया। इसमें लिखा गया- भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने में आना मना है। इसके बाद सीओ ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। सीओ देवेश सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल के बाद मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।

 

वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस तस्वीर को पोस्ट कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि पांच-छह सालों में पहली बार थानों में सत्तापक्ष के लोगों का ही आना बंद हो गया है। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, ”ऐसा पहली बार हुआ है इन पाँच-छह सालों में सत्तापक्ष के लोगों का आना मना हुआ थानों में। ये है उप्र की भाजपा सरकार का बुलंद इक़बाल!”

 

पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

 

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