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Vaishakh Purnima 2022: बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान का है विशेष महत्व, कासगंज में घाटों पर उमड़ेंगे हजारों श्रद्धालु

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सार

बुद्ध पूर्णिमा से एक दिन पूर्व ही लोगों ने कासगंज के सोरों स्थित हरि की पौड़ी पर पहुंचना शुरू कर दिया, जिससे ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकें।

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वैशाख पूर्णिमा बुधवार को है। इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। इसके चलते बुध पूर्णिमा पर कासगंज जिले के विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ेंगे। रविवार रात से ही श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचने लगे थे। 
 
लहरा गंगा घाट, सोरोंजी हरि की पौड़ी, कछला गंगा घाट, कादरगंज घाट सहित अन्य घाटों पर बड़ी संख्या में हर गंगा स्नान पर्व पर श्रद्धालु स्नान करते हैं। बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) पर विशेष महत्व के चलते गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती हैं। एक दिन पूर्व ही लोगों ने हरि की पौड़ी पर पहुंचना शुरू कर दिया, जिससे ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकें।

पिछले वर्ष कोरोना के चलते गंगा स्नान पर थी रोक

बुद्ध पूर्णिमा पर हर वर्ष ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। पिछले वर्ष कोरोना संकट के चलते बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान पर रोक रही। इसके चलते लोग गंगा स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करने से वंचित रह गए। इस बार रोक न होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। 

वैशाख पूर्णिमा का महत्व और पुण्य लाभ

आचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार वैशाख मास की पूर्णिमा को समुद्र मंथन के बाद दैत्यों के संहार के बाद समस्त साम्राज्य देवताओं को प्राप्त हुआ था। यह तिथि समस्त पापों का नाश करने वाली, पुत्र-पौत्रादि का फल देने वाली है। इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य को भगवान विष्णु के चरणों में स्थान मिल जाता है। 

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संकल्प लेकर करें दान

आचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा पर गंगा स्नान कर वस्त्र, आभूषण, गौ, भूमि, तिल, स्वर्ण, ऋतुफल, दक्षिणा और जलापूरित पात्र आदि का संकल्प लेकर दान करना चाहिए। गंगा स्नान एवं दान करने के लिए पुण्य काल सूर्योदय से 9:43 तक है। 

विस्तार

वैशाख पूर्णिमा बुधवार को है। इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। इसके चलते बुध पूर्णिमा पर कासगंज जिले के विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ेंगे। रविवार रात से ही श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचने लगे थे। 

 

लहरा गंगा घाट, सोरोंजी हरि की पौड़ी, कछला गंगा घाट, कादरगंज घाट सहित अन्य घाटों पर बड़ी संख्या में हर गंगा स्नान पर्व पर श्रद्धालु स्नान करते हैं। बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) पर विशेष महत्व के चलते गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती हैं। एक दिन पूर्व ही लोगों ने हरि की पौड़ी पर पहुंचना शुरू कर दिया, जिससे ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकें।

पिछले वर्ष कोरोना के चलते गंगा स्नान पर थी रोक

बुद्ध पूर्णिमा पर हर वर्ष ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। पिछले वर्ष कोरोना संकट के चलते बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान पर रोक रही। इसके चलते लोग गंगा स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करने से वंचित रह गए। इस बार रोक न होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। 

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