वाराणसी में चाय की चुस्की लेते उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य – फोटो : अमर उजाला
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दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को वाराणसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, यहां पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सौ फीसदी रिजल्ट चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय स्तर पर अगर धनराशि की आवश्यकता है तो उसकी शासन स्तर पर डिमांड करें। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
जिले की सभी 694 ग्राम सभाओं को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट विलेज बनाने का निर्देश देते हुए डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वह इस कार्य में वह व्यक्तिगत रुचि लें और इसे प्राथमिकता पर मूर्त रूप दें। उपमुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस सभागार में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ लोगों तक प्राथमिकता से पहुंचाएं।
अमृत सरोवरों की समीक्षा के दौरान उन्होंने तालाबों की पैमाइश कराकर अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने का निर्देश दिया। डिप्टी सीएम ने चक मार्गों को चिह्नित कर उसकी पैमाइश कराकर उसे भी अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश देते हुए कहा कि मनरेगा योजना के तहत उस पर मिट्टी डलवाई जाए और यह देखा जाए कि भविष्य में दोबारा उस पर अतिक्रमण न होने पाए।
अंत्येष्टि स्थल की मांग के अनुरूप बनवाए जाने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना से उसका कार्य कराया जाए। गलत स्थलों पर कोई भी अंत्येष्टि स्थल का निर्माण नहीं होना चाहिए। इस पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आजीविका मिशन योजना अंतर्गत समीक्षा के दौरान मैन पावर कम होने की जानकारी पर तत्काल डिमांड शासन को भेजने का निर्देश दिया। अधिक से अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाए जाने पर विशेष जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने स्तर पर विधायक निधि की समीक्षा करें और किसी भी विधायक के प्रस्ताव लंबित नहीं होने चाहिए। उन्होंने विधायक निधि से अवमुक्त हुए धनराशि के सापेक्ष कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा किए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि धनराशि अवमुक्त होने के बावजूद कार्य किसी भी दशा में अवरुद्ध एवं लंबित नहीं रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा के दौरान प्रथम किस्त की धनराशि दिए जाने के पश्चात लाभार्थी को अपात्र पाए जाने की जानकारी मांगे जाने पर संबंधित विभागीय अधिकारी ने सहीं जानकारी नहीं दी तो कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए सचेत किया।
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दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को वाराणसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, यहां पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सौ फीसदी रिजल्ट चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय स्तर पर अगर धनराशि की आवश्यकता है तो उसकी शासन स्तर पर डिमांड करें। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।
जिले की सभी 694 ग्राम सभाओं को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट विलेज बनाने का निर्देश देते हुए डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वह इस कार्य में वह व्यक्तिगत रुचि लें और इसे प्राथमिकता पर मूर्त रूप दें। उपमुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस सभागार में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ लोगों तक प्राथमिकता से पहुंचाएं।
अमृत सरोवरों की समीक्षा के दौरान उन्होंने तालाबों की पैमाइश कराकर अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने का निर्देश दिया। डिप्टी सीएम ने चक मार्गों को चिह्नित कर उसकी पैमाइश कराकर उसे भी अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश देते हुए कहा कि मनरेगा योजना के तहत उस पर मिट्टी डलवाई जाए और यह देखा जाए कि भविष्य में दोबारा उस पर अतिक्रमण न होने पाए।