लखनऊ : श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने महाराष्ट्र में मौजूद यूपी के श्रमिकों को बताया कि आजीविका ब्यूरो की ओर से संचालित ‘इंडिया लेबरलाइन’ ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से छह भाषाओं में श्रमिकों की शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, साथ ही उनका समाधान किया जाता है और अब तक एक लाख से अधिक श्रमिक इसका लाभ ले चुके हैं।
श्रम मंत्री, पुणे स्थित टाटा ऑटो कॉम्प सिस्टम्स के श्रम कल्याण केंद्र में श्रमिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और समाधान की जानकारी लेने के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लेबरलाइन वैन का भी निरीक्षण किया, जो श्रमिकों के कार्यस्थलों पर जाकर उनकी समस्याएं सुनती है। श्रम मंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए अधिकारियों को उत्तर प्रदेश में भी ऐसी व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान मंत्री ने टाटा ऑटो कॉम्प की इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम-आयन बैटरी और ऊर्जा भंडारण समाधान तैयार करने वाली इकाई का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा सिम्बायोसिस ओपन एजुकेशन सोसाइटी और वाई4डी फाउंडेशन के साथ बैठक कर युवाओं और महिलाओं के कौशल प्रशिक्षण को लेकर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
इस दौरान श्रम कल्याण केंद्र में आजीविका ब्यूरो की निदेशक दिव्या और ज्योति ने बताया कि पुणे में लगभग 4.5 लाख श्रमिक उत्तर प्रदेश से हैं, जो शहर की प्रवासी आबादी का करीब 30 प्रतिशत हैं। यह केंद्र प्रवासी श्रमिकों की शिकायतों के निवारण और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। श्रममंत्री के साथ दौरे के दौरान प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शनमुगा सुन्दरम्, निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश और अपर निदेशक प्रमोद कुमार पुंडीर भी मौजूद रहे।








