Home उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट : उत्तर प्रदेश की जेलों के सुधार व तबादला नीति पर...

हाईकोर्ट : उत्तर प्रदेश की जेलों के सुधार व तबादला नीति पर राज्य सरकार से जवाब तलब

0
118

[ad_1]

ख़बर सुनें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल सुधार एवं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर राज्य सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार यह भी बताए कि तबादला नीति को सही ढंग से लागू किया गया है या नहीं। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने सच्चिदानंद की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

याचिका में प्रदेश की जेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार व उसके सुधारीकरण तथा लंबे समय से जेलों में बंद कैदियों से मधुर संबंध न बन सके इसलिए तबादला होते रहने की मांग की गई है। अधिवक्ता शरदेंदु सौरभ व  जयशंकर मिश्र ने याचिका पर बहस की। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि जेलों में तबादला नीति है। जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए। जिस पर कोर्ट ने दो हफ्ते में सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। 

यह भी पढ़ें -  Route Diversion: सीएम योगी के आगमन को लेकर शहर में रूट डायवर्जन, इन रास्तों से जाने से पहले पढ़ें ये खबर

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल सुधार एवं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर राज्य सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार यह भी बताए कि तबादला नीति को सही ढंग से लागू किया गया है या नहीं। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने सच्चिदानंद की जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

याचिका में प्रदेश की जेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार व उसके सुधारीकरण तथा लंबे समय से जेलों में बंद कैदियों से मधुर संबंध न बन सके इसलिए तबादला होते रहने की मांग की गई है। अधिवक्ता शरदेंदु सौरभ व  जयशंकर मिश्र ने याचिका पर बहस की। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि जेलों में तबादला नीति है। जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए। जिस पर कोर्ट ने दो हफ्ते में सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। 



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here