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विधवा पेंशन में फर्जीवाड़ा: शादी हुई नहीं, जारी हो गया पति का मृत्यु प्रमाणपत्र, योजना का लाभ ले रहीं महिलाएं

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संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 28 Apr 2022 10:37 AM IST

सार

विधवा पेंशन योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मथुरा के गोवर्धन में रहने वाली पश्चिम बंगाल की दो महिलाओं को अवैध रूप से विधवा पेंशन जारी कर दी गई, जबकि इन महिलाओं की शादी भी नहीं हुई है।  

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मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की शादी हुई नहीं, सरकारी रिकॉर्ड में उसके पति का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। महिला को विधवा पेंशन दे दी गई। इसके अलावा कुछ ऐसी लाभार्थी हैं, जिनके पति जीवित हैं, विधवा पेंशन का लाभ ले रही हैं। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी की जांच आख्या में इसका खुलासा हुआ है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने एसडीएम गोवर्धन को दोषियों के खिलाफ जांच आख्या प्रेषित की है।

राधाकुंड में 24 से अधिक बंगाली महिलाओं के कूटरचित अभिलेख तैयार कर विधवा पेंशन दिला दी गई। इसका खुलासा पूर्व चेयरमैन के पुत्र की शिकायत पर प्रोबेशन अधिकारी की जांच से हुआ है। कृष्ण मुरारी मैथिल ने राधाकुंड में अनेक महिलाओं द्वारा कूटरचित अभिलेखों के आधार पर अवैध रूप से विधवा पेंशन की शिकायत आईजीआरएस पर की थी। 

बिन ब्याही दो महिलाएं को मिल रही विधवा पेंशन 

जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रोबेशन अधिकारी ने जांच में पाया कि सुदेवी दास की शादी नहीं हुई है, जबकि राधा देवी का पति जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन का लाभ ले रही हैं। इनके अलावा बंगाली महिला लिपिका दासी की शादी नहीं हुई, उसे भी विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा है। 

एसडीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट 

जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुराग रस्तोगी ने बताया कि फर्जी अभिलेख तैयार कर कुछ महिलाओं को अवैध रूप से विधवा पेंशन का लाभ मिलने की शिकायत मिली थी। जांच में दो महिलाओं ने सीएचसी संचालक द्वारा गलत तरीके से पेंशन दिलाने की बात स्वीकार की है। कार्रवाई के लिए एसडीएम गोवर्धन को आख्या प्रेषित की गई है। 

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एसडीएम गोवर्धन संदीप वर्मा ने बताया कि नगर पंचायत से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होता है। सीएचसी संचालक ने बंगाली महिलाओं को किस आधार पर और कहां से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर पेंशन दिलाई है, इसकी जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

विस्तार

मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र की रहने वाली एक महिला की शादी हुई नहीं, सरकारी रिकॉर्ड में उसके पति का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। महिला को विधवा पेंशन दे दी गई। इसके अलावा कुछ ऐसी लाभार्थी हैं, जिनके पति जीवित हैं, विधवा पेंशन का लाभ ले रही हैं। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी की जांच आख्या में इसका खुलासा हुआ है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने एसडीएम गोवर्धन को दोषियों के खिलाफ जांच आख्या प्रेषित की है।

राधाकुंड में 24 से अधिक बंगाली महिलाओं के कूटरचित अभिलेख तैयार कर विधवा पेंशन दिला दी गई। इसका खुलासा पूर्व चेयरमैन के पुत्र की शिकायत पर प्रोबेशन अधिकारी की जांच से हुआ है। कृष्ण मुरारी मैथिल ने राधाकुंड में अनेक महिलाओं द्वारा कूटरचित अभिलेखों के आधार पर अवैध रूप से विधवा पेंशन की शिकायत आईजीआरएस पर की थी। 

बिन ब्याही दो महिलाएं को मिल रही विधवा पेंशन 

जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रोबेशन अधिकारी ने जांच में पाया कि सुदेवी दास की शादी नहीं हुई है, जबकि राधा देवी का पति जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन का लाभ ले रही हैं। इनके अलावा बंगाली महिला लिपिका दासी की शादी नहीं हुई, उसे भी विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा है। 

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