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नर्स की मौत का मामला: पुलिस ने गढ़ी प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की कहानी, मां ने कहा-दोबारा पोस्टमार्टम और सीबीआई जांच हो

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बांगरमऊ के एक नर्सिंगहोम में युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के दर्ज हुए मामले में मृतका की मां ने पुलिस के खुलासे को गलत ठहराया है। सोमवार को पीड़िता के घर पहुंचे डीएम रवींद्र कुमार और एसपी दिनेश त्रिपाठी के देखकर मां फफक पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि हैवानियत के बाद बेटी को मार डाला गया और पुलिस मामले को दबाने में जुटी है। आरोपियों को बचाने के लिए बेटी के प्रेम प्रसंग का मामला उजागर किया। बिना तथ्यों के हत्या को आत्महत्या ठहरा दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि नर्सिंग होम की छत पर कुछ लोगों ने उसकी बेटी को पकड़कर फंदे से नीचे लटका दिया। उन्होंने एसपी से पूछा कि क्या यह संभव नहीं? क्या एक लड़की इतने लोगों का मुकाबला कर सकती थी? दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले को दबाने के लिए पुलिस ने उसकी बेटी को बदनाम कर दिया। मृतका की मां के सवालों पर अफसर भी सकते में आ गए। पुलिस की जांच से असंतुष्ट मां ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने और सीबीआई जांच की मांग की है। डीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये का चेक देकर मृतका की मां को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है।

ये है पूरा मामला

30 अप्रैल को बांगरमऊ के दुल्लापुरवा स्थित न्यू जीवन नर्सिंग होम की छत पर पीछे की ओर आरसीसी पिलर की सरिया के सहारे आसीवन थानाक्षेत्र की 18 वर्षीय युवती का शव फंदे से लटका मिला था। मृतका की मां ने नर्सिंग होम संचालक समेत चार लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे पर लटककर मौत की पुष्टि हुई। जांच में पुलिस ने मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर उसके प्रेमी संदीप राजपूत को हिरासत में लेकर प्रेम प्रसंग में आत्महत्या का मामला ठहरा दिया।

इस बात पर उठ रहे सवाल

पीड़िता की मां और परिवारीजनों ने इस बात पर सवाल उठाए हैं कि भले ही युवती का किसी से प्रेम प्रसंग था। लगातार बातचीत होती थी। फिर भी ये कैसे तय होगा कि छत पर सरिया से फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली। जिस कपड़े से फंदा लगाया गया उसका एक सिरा पिलर के सबसे निचले हिस्से पर सरिया से बंधा था। दूसरा हिस्सा यदि उसकी गर्दन पर था तो यह संभव नहीं क्योंकि उसकी लंबाई बहुत कम है।

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सवाल ये उठता है कि फंदे से झूलने के बाद मृत्यु की स्थिति में उसके हाथ नीचे लटक जाने चाहिए थे। मगर हाथ उसके सीने में दबे हुए थे। डॉक्टरों का कहना है कि फंदे से लटकने के बाद जब दम घुटने लगता है तो शरीर छटपटाने के बाद धीरे धीरे शिथिल पड़ जाता है। ऐसे में हाथ नीचे की ओर लटक जाने चाहिए थे। सवाल ये भी है कि मृतका के मोबाइल से युवक को ऐसा कोई मैसेज भी नहीं किया गया जिससे यह प्रतीत हो कि वह आत्महत्या कर सकती थी।

आत्महत्या के लिए उकसाने में प्रेमी को भेजा जेल

पुलिस के अनुसार लगभग डेढ़ साल से संदीप का युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह हर कदम पर युवती की मदद करता था। युवती व संदीप के मोबाइल की कॉल डिटेल में इस बात की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर सोमवार को संदीप को जेल भेजा है। वहीं, बिना रजिस्ट्रेशन के नर्सिंगहोम चलाने में संचालक पर भी रिपोर्ट दर्ज की है।

मृतका के मोबाइल में उसके साथी संदीप राजपूत की आईडी से खरीदा सिम मिला है। कॉल डिटेल के आधार पर ही संदीप को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने सच कबूल किया है। किसी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं की गई है। विवेचना अभी बंद नहीं हुई है। हर तथ्य को बारीकी से देखा जा रहा है। नामजद आरोपियों की कहीं भी संलिप्तता मिली, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। -दिनेश त्रिपाठी, एसपी

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