लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निगेटिव बैलेंस के कारण लगभग 5.25 लाख स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन स्वतः कट गए हैं। इनमें से करीब 2.1 लाख उपभोक्ताओं ने अब तक रिचार्ज नहीं कराया है। ऐसे में अवैध रूप से बिजली उपभोग की आशंका को देखते हुए यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने सभी विद्युत वितरण निगमों को सघन जांच के निर्देश दिए हैं।
इस दिशा में एक दिन पूर्व सायं 5 बजे तक मध्यांचल, पूर्वांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल एवं केस्को-कानपुर क्षेत्रों में कुल 1211 परिसरों की जांच की गई। जांच में 18 स्थानों पर बिजली चोरी पाई गई, जिनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कारपोरेशन के प्रवक्ता केके सिंह के अनुसार, निगेटिव बैलेंस के बाद बिना रिचार्ज बिजली का उपयोग करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम की धारा 135 एवं 138-बी के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे कनेक्शन कटने की स्थिति में तुरंत रिचार्ज कराएं और अवैध गतिविधियों से बचें।
उन्होंने बताया कि भुगतान प्राप्त होने के बाद कनेक्शन को अधिकतम दो घंटे के चालू कर दिया जाता है, हालांकि अधिकांश मामलों में कुछ ही मिनटों में आपूर्ति बहाल हो जाती है। यदि निर्धारित समय के बाद भी कनेक्शन न जुड़े तो 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।








