लखनऊ : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने संपन्न हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा की जानकारी देते हुए बताया कि 2 जुलाई की दो पालियों और 3 जुलाई की प्रथम पाली में उच्च प्राइमरी स्तर की परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें कुल 10,57,055 अभ्यर्थियों अर्थात 87.25% ने प्रतिभाग किया। 03 जुलाई की द्वितीय पाली और 4 जुलाई की प्रथम पाली में प्राइमरी स्तर की परीक्षा हुई, जिसमें 7,13,659 अभ्यर्थियों अर्थात 91.12% ने परीक्षा दी। उच्च प्राइमरी स्तर की परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों की प्रतिभागिता 87.00% एवं प्राइमरी स्तर की परीक्षा में 90.85% रही।
शनिवार 4 जुलाई को प्रथम पाली में प्रदेश के 955 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित परीक्षा में 3,79,316 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 3,34,775 अर्थात 88.00% अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रकार कुल पंजीकृत 19,94,661 परीक्षार्थियों में से 17,70,714 कुल 88.77% परीक्षार्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। सभी 60 जनपदों में सदस्यगण व सेवानिवृत्त आईएएस व आईपीएस को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया था। सभी प्रेक्षकों ने परीक्षा के दौरान परीक्षा केन्द्रों का अनवरत भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
प्रशांत कुमार के मुताबिक एआई आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से परीक्षा के दौरान संदिग्धों की जाँच के पश्चात् प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 2 जुलाई को 14, 3 जुलाई को 11 व 4 जुलाई को 19 कुल 44 फर्जी परीक्षार्थी जो दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए एवं 3 जुलाई को एक अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में मोबाइल से नकल के प्रयास में पकड़ा गया। उक्त सभी के विरूद्ध अग्रेतर विधिक कार्यवाही के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।








