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मां गंगा के रौद्र रूप से सहमा प्रशासन, रोकी गई पर्यटकों की आवाजाही, राम झूला का टूटा तार

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ऋषिकेश। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण गंगा नदी उफान पर है। नदी के कटाव की वजह से ऋषिकेश के राम झूला ब्रिज का सहायक तार टूट गया जिसके बाद राम झूला पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। ऋषिकेश का ये राम झूला यहां आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है लेकिन पुल पर आवाजाही रोके जाने के बाद यहां के लोग अब गंगा के जलस्तर में कमी का इंतजार कर रहे हैं जिससे कि ब्रिज को ठीक किया जा सके।

ऋषिकेश में जो भी पर्यटक घूमने या गंगा स्नान करने के लिए पहुंचते हैं, उनके लिए राम झूला और लक्ष्मण झूला पुल दोनों ही आकर्षण का केंद्र रहते हैं। हर कोई पर्यटक दोनों पुलों पर जाना चाहता है, रात के वक्त पुल की सुंदरता और भी ज्यादा देखने लायक होती है इसलिए ज्यादातर पर्यटक राम झूला पल पर घूमने फिरने के लिए जाते हैं, लेकिन पुल की नींद में आई दरार की वजह से फिलहाल पर्यटकों को मायूसी मिलेगी। अब पर्यटक कुछ दिन तक राम झूला पुल पर नहीं घूम सकेंगे।

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आपको बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश में आई तबाही के बाद अब भी हालात बेहद खराब हैं। पिछले चार दिनों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक 74 लोगों की जान बाढ़, बारिश और लैंड स्लाइड की वजह से हो चुकी है। शिमला में जिस शिव मंदिर पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा था वहां अब भी रेस्क्यू जारी है। इधर भारी बारिश के बाद पहाड़ दरक रहे हैं जिससे आस-पास के मकानों को लोग छोड़ने के मजबूर हैं।

पूरे हिमाचल में करीब 10 हजार घर डैमेज हुए हैं। कांगड़ा में भारी बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने के बाद एयफोर्स को रेस्क्यू के लिए बुलाना पड़ा तो कई इलाकों में अब भी रोड चालू नहीं हो पाए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि कि मॉनसून में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचों के पुननिर्माण में एक साल का समय लगेगा। सुक्खू ने कहा था कि पिछले महीने जुलाई और इस सप्ताह हुई भारी बारिश की वजह से राज्य में अनुमानित 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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