Home अपराध जाफराबाद में हिंदुओं के ज्यादातर दुकान-मकान जले, मंदिर भी तहस-नहस

जाफराबाद में हिंदुओं के ज्यादातर दुकान-मकान जले, मंदिर भी तहस-नहस

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पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में स्थिति धीरे-धीरे नॉर्मल हो रही है। दुकानें फिर से खुलन लगी हैं और विस्थापित परिवार वापस लौटने लगे हैं। हिंसा प्रभावित इलाकों में मुख्य रूप से सुती, धुलियां, शमशेरगंज और जंगीपुर शामिल है। इनमें धुलियां के बाद सबसे ज्यादा हिंसा जाफराबाद में हुआ है। जाफराबाद में हिंदुओं के ज्यादातर मकान और दुकान जला दिए गए हैं। जाफराबाद के हिंसाग्रस्त इलाके में हिंदू पलायन कर चुका है। मंदिर तहस-नहस कर दिए गए हैं। घरों-दुकानों में ताला लटका हुआ है।

धुलियां और जाफराबाद में घाट के किनारे और बीच में जो हिंदू फंस गए वो नाव से नदी के दूसरी तरफ पलायन कर गए, ताकि सुरक्षित रहे, क्योंकि हाईवे तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं मिला। बीच में मुस्लिम बस्ती के लोगों ने तांडव मचाया। वहीं, धुलियां में मंदिर में पत्थरबाजी हुई, दुकानों को जलाया गया। लोगों का कहना है कि हजारों लोगों ने उत्पात मचाया। यहां बीएसएफ की चौकी नहीं बनी, तो हम सुरक्षित नहीं रहेंगे।

अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की कोशिश जारी है। दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं और लोग वापस लौट रहे हैं। अब तक 19 परिवार अपने घर लौट चुके हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद, दोनों जिला प्रशासन जिलों से चले गए लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अब तक 210 गिरफ्तारियां की गई हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और जानकारी की पुष्टि करें। अगर हमें शांति बनाए रखनी है तो अफवाहों पर रोक लगानी होगी।”

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बता दें कि मुर्शिदाबाद के सुती, धुलियां, शमशेरगंज और जंगीपुर इलाकों में शुक्रवार से भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। एक मामले में पिता और पुत्र की नृशंस हत्या का जिक्र करते हुए जावेद शमीम ने बताया कि एक अलग मामला दर्ज किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों- दोषियों और तमाशबीनों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सटीक पहचान करने में समय लगेगा, लेकिन किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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