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आउटसोर्स संविदा कर्मियों की भूख हड़ताल जारी, छटंनी के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी

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लखनऊ : निजीकरण और छंटनी के खिलाफ बुधवार को विद्युत संविदा मजदूर संगठन के प्रदेश प्रभारी पुनीत राय ने मध्यांचल मुख्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। संगठन ने संविदा कर्मियों की छंटनी और निजीकरण की प्रकिया को वापस न लिये जाने पर आंदोलन के उग्र रूप लेने की चेतावनी प्रबंधन को दी।

वहीं निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने भी सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन संघ और मध्यांचल प्रबंधन के बीच 2017 में हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 20 और शहरी क्षेत्रों में 36 संविदा कर्मचारियों की तैनाती संबंधी जारी आदेश को दरकिनार कर प्रबंधन की ओर से संविदा कर्मचारियों की छंटनी का आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान करते हुए सत्याग्रह जारी रखा।

संविदा मजदूर संगठन प्रदेश प्रभारी पुनीत राय ने बताया कि मध्यांचल निगम की ओर से अचानक तीस प्रतिशत आउटसोर्स संविदा कर्मियों की छंटनी का निर्णय लिया गया है। इससे करीब 4500 श्रमिकों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट डाल दिया है। प्रबंधन का यह फैसला प्रदेश सरकार की रोजगार नीति और मानवाधिकार मूल्यों को खुला उल्लंघन है।

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उन्होंने आगे बताया कि आज प्रदेश में बिजली की खपत दोगुनी से अधिक हो चुकी है, केवल मध्यांचल डिस्कॉम में ही उपभोक्ताओं की संख्या 58 लाख से बढ़कर 1 करोड़ 10 लाख से ऊपर जा चुकी है। बावजूद इसके कर्मचारियों की संख्या में कटौती जनविरोधी कदम है।

वहीं मीडिया प्रभारी विमल चंद्र पांडे ने कहा कि प्रबंधन की ओर से छंटनी और निजीकरण के मुद्दें पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन तेज होने के साथ उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी।

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