इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। आज युद्ध का नौवां दिन है और अभी भी युद्ध की समाप्ति के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि हम ईरान के नेतृत्व को कई बार पहले ही खत्म कर चुके हैं। या तो वे सरेंडर कर दें या फिर सरेंडर करने वाला कोई न बचे। इसके अलावा ईरान भी युद्ध से पीछे नहीं हटने वाला है। ईरान का कहना है कि वह अमेरिका और इजरायल से सु्प्रीम लीडर की मौत का बदला लेने तक युद्ध जारी रखेंगे। वहीं दूसरी तरफ भारत मिडिल-ईस्ट में मौजूद अपने नागरिकों को बाहर निकालने के प्रयास में लगा हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमने उनके 44 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। हमने उनकी वायुसेना के सभी विमानों को नष्ट कर दिया है। हमने उनकी अधिकांश मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। अब मिसाइलें बहुत कम आ रही हैं। हमने उनके मिसाइल निर्माण क्षेत्रों पर भी भारी हमला किया है। उनकी ड्रोन क्षमता में भारी गिरावट आई है। सेना लगभग न के बराबर है। हम सेना पर भी भारी हमला कर सकते हैं, लेकिन शायद हम करेंगे, शायद नहीं। हमने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।” वहीं दूसरी तरफ ईरान की ओर से भी पीछे हटने की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। हालांकि ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को अपने पड़ोसी देशों से हमले के लिए माफी मांगी है।
भारत ने शनिवार को कहा कि वह मिडिल-ईस्ट की उभरती स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने देर रात एक बयान में कहा कि पूरे क्षेत्र में हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से खुलने के बाद 52,000 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट आए हैं। मंत्रालय ने क्षेत्र के सभी भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के दिशानिर्देशों और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सलाह का पालन करने का भी आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों की सहायता के लिए 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन स्थापित की हैं।








