कानपुर: शहर के जाजमऊ इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मोती नगर इलाके में एक मजदूर के परिवार की खुशहाली को सोशल मीडिया ने पूरी तरह से निगल लिया। जानकारी के अनुसार असलम खान, जो जाजमऊ की टेनरी में दिन-रात पसीना बहाकर परिवार चलाता था अब अपने तीन नाबालिग बच्चों की तलाश में दर-दर भटक रहा हैं। आरोप है कि उसकी पत्नी 27 मार्च को बच्चों को स्कूल जाने का बहाना बनाकर घर से गायब हो गई और साथ में घर की सारी जमा पूंजी भी ले गई। पत्नी करीब 6 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और 40 हजार रुपये नकद अपने साथ ले गई है।
असलम खान के अनुसार पिछले कई महीनों से उनकी पत्नी का मोबाइल फोन उनके लिए सिरदर्द बन गया था। देर रात तक वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अनजान लोगों से वीडियो कॉल्स, चैटिंग और लंबी बातें करती थी। शुरुआत में असलम ने सोचा कि शायद कोई रिश्तेदार या पुरानी सहेली से बात हो रही होगी, लेकिन जब सच्चाई सामने आई कि ये अजनबी पुरुषों से संपर्क हैं, तो उसने विरोध किया। घर में तीखी नोकझोंक और झगड़े होने लगे। असलम बार-बार समझाता कि “बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है, परिवार टूट जाएगा”, लेकिन पत्नी ने एक न मानी।
असलम ने बताया कि 27 मार्च की सुबह सब कुछ सामान्य लगा। पत्नी ने बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही। असलम रोज की तरह काम पर निकल गया। शाम को जब वह घर लौटा तो अलमारी के ताले टूटे हुए थे, जेवरात और नकदी भी गायब थी। उसने देखा कि तीनों बच्चों के साथ पत्नी कहीं चली गई थी। असलम ने काफी देर तक उनकी तलाश की, जिसके बाद जाजमऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं अब मोबाइल कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया एकाउंट्स तथा लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर जांच की जा रही है।
असलम ने पुलिस को घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं, जिनमें पत्नी तीनों बच्चों के साथ पैदल जाते हुए दिख रही है। असलम को शक है कि उसकी पत्नी ने सोशल मीडिया के किसी “प्रेमी” के चक्कर में पड़कर यह कदम उठा लिया है। असलम का कहना है, “मैं सिर्फ बच्चों को वापस चाहता हूं। उनकी पढ़ाई, उनका बचपन बर्बाद न हो। अगर कोई गलत संगति में हैं तो उन्हें बचाया जाए।” वहीं पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। संदिग्ध व्यक्ति की पहचान के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।








