लखनऊ : कैंट स्थित दिलकुशा गार्डेन के पास विशालकाय पेड़ गिर पड़ा। इसी दौरान सुशांत गोल्फ सिटी रोड स्थित कैंसर संस्थान जा रहे बाइक सवार दो रेडियोलॉजिस्ट पेड़ की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को आनन-फानन में सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई। एसओ कैंट गुरप्रीत कौर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव उनके परिवारवालों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। परिजन ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है।
बस्ती जिले के पकरदाहा बोधी निवासी रवि शंकर पांडेय (28) और मऊ के घोसी निवासी बाल कृष्ण (27) सीजी सिटी रोड स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में संविदा पर रेडियोलॉजिस्ट थे। दोनों बलरामपुर अस्पताल के कैंपस में रहते थे। रोजाना की तरह गुरुवार सुबह दोनों एक ही बाइक से कैंसर संस्थान जा रहे थे। करीब 8 बजे जैसे ही वे दिलकुशा गार्डेन के पास पहुंचे, तभी एक विशालकाय पेड़ दूसरे पेड़ को लेकर भरभरा कर गिर गया।
चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही दोनों को सिविल में भर्ती करवाया। जहां दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने हादसे की सूचना परिवारवालों को दी तो हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि रवि और बालकृष्ण गहरे दोस्त थे। रवि के परिवार में अधिवक्ता पिता शिव नारायण पांडेय, मां इंद्रावती व भाई आनंद हैं। जबकि बालकृष्ण के परिवार में पिता सुरेश चंद्र, मां शीला देवी, भाई विवेक और विमल हैं।
खबर मिलते ही परिवारवाले लखनऊ पहुंच गए। पिता शिव नारायण जवान बेटे रविशंकर का शव देख सिर पकड़कर बैठ गए। आंखों में आंसू भरे पिता ने रुंधे गले से कहा कि बेटा ही घर का सहारा था। वहीं, रोते हुए सुरेश चंद्र ने बताया कि महज दस दिन पहले बेटा बालकृष्ण घर से आया था। बेटा नौकरी को लेकर भविष्य की योजनाएं बना रहा था। लेकिन अब सब खत्म हो गया।
पेड़ गिरने से यातायात हुआ ठप
हादसे के बाद दिलकुशा मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई। पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिरने से यातायात पूरी तरह बंद हो गया। कैंट कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक सूर्यबली यादव ने बताया कि घटना के वक्त वह कुछ पुलिसकर्मियों के साथ वे पास में ही ड्यूटी में लगे थे। पेड़ गिरने की जानकारी पर सभी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने राहगीरों की मदद से दोनों को किसी तरह बाहर निकाला और सिविल पहुंचाया। इस दौरान छावनी परिषद व वन विभाग की टीम पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत कर जेसीबी और कटर की मदद पेड़ की कटाई के बाद रास्ता साफ कराया जा सका। तब जाकर यातायात सामान्य हो सका।








