मुजफ्फरपुर : बिहार पुलिस ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को फर्जी क्वेश्चन पेपर बेचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी मोटी रकम लेकर फर्जी क्वेश्चन पेपर बेचने का काम करते थे। कुछ दिन पहले ऐसे ही मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, जिसकी निशानदेही पर चार आरोपियों को मुजफ्फरपुर से दबोचा गया। ये आरोपी नीट समेत अन्य परीक्षाओं के पेपर पीड़ितों को बेचने का काम करते थे। पुलिस ने बताया कि फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
बिहार पुलिस ने मुजफ्फरपुर जिले से नीट-यूजी समेत कई एग्जाम के फर्जी क्वेश्चन पेपर उम्मीदवारों और उनके माता-पिता को बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक सीनियर अफसर ने रविवार को इसकी जानकारी दी। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार और हर्ष कनोडिया के तौर पर हुई है। पुलिस ने शनिवार शाम को इन चारों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग एक ऐसा नेटवर्क चला रहे थे, जो सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए नीट समेत कई एग्जाम के फर्जी क्वेश्चन पेपर बेचकर परेशान माता-पिता को ठगता था।
मुजफ्फरपुर के SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया, “मनीष झा नाम के एक व्यक्ति से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शनिवार को उसके चार साथियों को गिरफ्तार किया। मनीष झा को इसी आरोप में 2 जून को सिकंदरपुर पुलिस स्टेशन के इलाके में बालू घाट से गिरफ्तार किया गया था।” उन्होंने बताया कि पूछताछ और उनके कबूलनामे से पता चला कि वे सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल करके उम्मीदवारों को यह कहकर धोखा देते थे कि वे उन्हें क्वेश्चन पेपर उपलब्ध करा सकते हैं। SSP ने कहा, “वे बैंक अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए पैसे इकट्ठा करते थे और फिर इकट्ठा की गई रकम मनीष झा को दे देते थे।” SSP ने बताया कि आगे की जांच चल रही है।
बिहार पुलिस ने हाल ही में नीट-यूजी री-एग्जाम को लेकर एडवाइजरी भी जारी की थी। विज्ञप्ति के मुताबिक इस परीक्षा में गड़बड़ी फैलाए जाने का प्रयास किये जाने से संबंधित किसी तरह की पूर्व सूचना/सूचना प्राप्त होने पर आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना स्थित कार्यालय के मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर 9031829067 एवं ईमेल आईडी digeou-bih@gov.in पर तुरंत सूचना अवश्य दें। शीघ्र इसकी जांच पड़ताल एवं अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। फर्जी कॉल द्वारा साईबर ठगी से संबंधित सूचना NCRP पोर्टल के हेल्पलाईन नंबर 1930 पर भी दी जा सकती है।








