लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘यूथ अड्डा’ पहल का विस्तार प्रदेश के सभी 75 जिलों तक करने का निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार और रोजगार सृजन के लिए प्रेरित करना है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत संचालित ‘यूथ अड्डा’ को एक समग्र उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस मंच के माध्यम से युवाओं को बिजनेस आइडिया तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और अनुभवी उद्यमियों से मेंटरशिप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार के अनुसार, इस पहल का मुख्य लक्ष्य विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विद्यार्थियों को उद्यमिता की ओर प्रेरित करना है।
इसके अलावा ग्रामीण युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी इस अभियान से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन में सहयोग देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की भी योजना है।
सरकार ने वर्ष 2027 तक इस पहल के तहत कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिनमें शामिल हैं—
5 लाख युवाओं को ‘यूथ अड्डा’ से जोड़ना।
₹1,000 करोड़ से अधिक के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना।
10,000 से अधिक नए उद्यम और फ्रेंचाइजी स्थापित करना।
25,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को सशक्त बनाना।
यूपीकॉन निभाएगा अहम भूमिका
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इस योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह ने बताया कि संस्था युवाओं को प्रशिक्षण, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जोड़ने का कार्य करेगी। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक सफल उद्यमी तैयार करना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देना है।








