चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को अपने पूर्ववर्ती एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से यहां अलवरपेट स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। विजय के नेतृत्व वाली सरकार को 13 मई तक सदन में विश्वास मत हासिल करना है, उससे कुछ दिन पहले दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई है।
विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने और मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय ने पहली बार स्टालिन से मुलाकात की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह एक ”शिष्टाचार भेंट” थी। स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय का गर्मजोशी से स्वागत किया। विजय द्वारा तमिलनाडु पर 10 लाख करोड़ रुपये का ऋण बोझ होने के लिए द्रमुक की पूर्ववर्ती सरकार की कड़ी आलोचना करने के एक दिन बाद यह बैठक हुई है।
विजय ने ‘सत्ता के अनेक केंद्र’ होने के लिये परोक्ष रूप से द्रमुक पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह अपनी सरकार में एकमात्र “सत्ता का केंद्र” होंगे। द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने कर्ज के बोझ संबंधी विजय के बयान पर पलटवार किया था। बाद में, विजय ने एमडीएमके संस्थापक वाइको से मुलाकात की। विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट पर जीत हासिल की थी।
विजय ने रविवार को यहां एक समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इसी के साथ ही इस राज्य में लगभग 60 साल में पहली बार द्रमुक और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से इतर किसी दल की सरकार बनी है। टीवीके को समर्थन देने वाली कांग्रेस द्रमुक की पूर्व सहयोगी है। कांग्रेस के पांच विधायक हैं।
विजय के तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से इस्तीफे के बाद, टीवीके के पास विधानसभा में 107 सीट हैं और इसे कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और वाम दलों के 13 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नयी सरकार को 13 मई तक विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने का निर्देश दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री विजय के आगमन पर उदयनिधि ने उनसे हाथ मिलाकर और गर्मजोशी से गले लगाकर उनका स्वागत किया।
बाद में स्टालिन ने विजय को गले लगाया और उन्हें अपने घर के अंदर ले गये। विजय और स्टालिन ने एक-दूसरे को रेशमी शॉल और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। बाद में विजय एमडीएमके संस्थापक वाइको के आवास पर गये और उनसे मुलाकात की। वाइको के बेटे दुरई वाइको ने विजय का स्वागत किया। वाइको ने विजय को सफेद रेशमी शॉल भेंट की।
मुख्यमंत्री ने भी वाइको को शॉल भेंट करके सम्मानित किया। बाद में, दोनों नेताओं को थोड़ी देर के लिए बातचीत करते हुए देखा गया और वाइको के आवास पर मौजूद लोगों ने विजय का अभिवादन किया। इस मौके पर वाइको ने कहा कि चुनाव के बाद विजय एक बड़े नेता के रूप में उभरे हैं और चुनाव से यह साबित हुआ कि लोग बदलाव चाहते थे।








