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कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से बड़ा हादसा, 5 लोगों की मौत, 20 घायल

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मौके पर फौरन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

दरअसल यहां पहली मंजिल पर छत बनाने का काम चल रहा था, तभी अचानक लोहे से बना स्ट्रक्चर गिर गया, जिससे हादसा हो गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस मामले में 3 लोग गिरफ्तार भी हुए हैं।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने SSKM अस्पताल में ये जानकारी दी कि 25 लोग अस्पताल लाए गए हैं, जिनमें से 5 को मृत अवस्था में लाया गया। ज़्यादातर लोग बिहार से हैं। हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं; हो सकता है कि कुछ लोग अभी भी फंसे हों। 5 लोगों की मौत हुई है और 20 घायल हैं। 2 लोग ICU में हैं, जबकि 18 खतरे से बाहर हैं।

हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि कुल कितने लोग मलबे में फंसे हैं। सेना और दमकलकर्मी बचाव अभियान में लगे हुए हैं। गैस कटर से स्ट्रक्चर काटकर लोगों को मलबे से निकालने की कोशिश चल रही है। तारातला में घटनास्थल पर मलबा हटाने के लिए क्रेनें लगाई गई हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जब अचानक निर्माणाधीन छत गिरी, तो उस वक्त कई मजदूर बिल्डिंग के अंदर ही काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि हादसे में लोहे के बड़े बीम और कंक्रीट का मलबा नीचे मजदूरों पर आ गिरा, जिससे मजदूर मलबे के नीचे ही दब गए।

हादसे के बाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स किसी को फोन पर कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि सर जल्दी से आदमी भेजिए, यहां कई लोग मलबे में दबे हैं। कई लोगों की मौत हो गई है। इस वीडियो में लोहे के बड़े-बड़े बीम और कंक्रीट का मलबा गिरा हुआ दिखाई दे रहा है।

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पश्चिम बंगाल के मंत्री डॉ. इंद्रनील खान मौके पर पहुंच गए हैं। इस दुर्घटना पर मंत्री ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों को बचाना है। सभी बचाव दल मौके पर मौजूद हैं। यह सब अवैध है, जिसका निर्माण तब हुआ था जब TMC सत्ता में थी।’

तारातला में गोदाम गिरने के हादसे के बाद, पश्चिम बंगाल सरकार ने 31 जुलाई तक कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाने की घोषणा की है। पिछली TMC सरकार के दौरान जिन इमारतों और ऊंची इमारतों के प्लान को मंजूरी मिली थी, उन सभी का काम सेफ्टी ऑडिट होने तक बंद रहेगा। PWD, सिविल डिफेंस, कोलकाता पुलिस, कोलकाता नगर निगम और फायर सर्विस के अफसरों की एक ज्वाइंट टीम चल रहे निर्माण प्रोजेक्ट्स की जांच करेगी।

केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स को 01 अगस्त से काम दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी जो सुरक्षा और निर्माण के नियमों का पालन करते पाए जाएंगे। जरूरी सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स को इस रोक से राहत दी जाएगी। बंगाल सरकार खास तौर पर कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और ऐसी जगहों पर हो रहे निर्माण पर ध्यान देगी जिन्हें कथित तौर पर भरे गए जलाशयों पर बनाया गया है।

इसके बाद, हावड़ा और बिधाननगर नगर निगम क्षेत्रों में भी इसी तरह की सुरक्षा जांच की जाएगी। खबरों के मुताबिक, तारातला में गिरे गोदाम को 17 जनवरी को KMC से इजाजत मिली थी। यह जमीन कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की है और इसे शंभूनाथ बेहरा की लीडरशिप वाली बेहरा ब्रदर्स नाम की कंपनी को लीज पर दिया गया था। KMC इंजीनियरों की शुरुआती पड़ताल से पता चलता है कि इमारत का डिजाइन प्लान शायद खराब था। राज्य सरकार सोमवार को विधानसभा में पीड़ितों के परिवारों के लिए कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की जानकारी देगी।

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