बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप जिले में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों के विकास को गति दी जा रही है। इसी क्रम में सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित प्रसिद्ध कोटवा धाम के प्राचीन पवित्र कुंड के संरक्षण एवं विकास की पहल शुरू की गई है।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कोटवा धाम पहुंचकर पवित्र कुंड का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंड की ऐतिहासिकता और पवित्रता को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्य कराए जाएं। उन्होंने कहा कि मूल संरचना और धार्मिक महत्व प्रभावित किए बिना श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम ने सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर देवब्रत पवार को कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से कार्य कराने के निर्देश दिए। महिलाओं की सुविधा के लिए आवश्यकतानुसार चेंजिंग रूम और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराने तथा प्राचीन धरोहर के स्वरूप से समझौता न करने के निर्देश भी दिए। बताया गया कि कोटवा धाम में करीब 356 वर्ष पुराना समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी का मंदिर एवं समाधि स्थल है। यह सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत कोटवा धाम में करीब 202.51 लाख रुपये की लागत से पर्यटन विकास एवं यात्री सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्य स्वीकृत हुए हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी सिरौलीगौसपुर अनिल सरोज, प्रोजेक्ट मैनेजर सीएनडीएस देवब्रत पवार, महंत नीलेश दास सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।








