रामनगर/बाराबंकी। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को क्षेत्र में बाढ़ कार्य खंड के अंतर्गत चल रही विभिन्न बाढ़ सुरक्षा एवं गांव बचाव परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सबसे पहले निर्माणाधीन तीन ठोकरों का जायजा लिया। यहां अधिकांश कार्य पूर्ण पाया गया, जबकि साइड पिचिंग का कुछ कार्य शेष था।
इस पर उन्होंने इसे हर हाल में 15 जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ठोकरों की नोज के निर्माण कार्य की सराहना की तथा ठोकर संख्या तीन की लंबाई, नोज की चौड़ाई एवं गहराई की जानकारी भी ली। इसके बाद मंत्री ने किमी 40 पर स्थित तिवारी पुरवा गांव बचाव परियोजना का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बोरियों से की गई पिचिंग का काम देखा और शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 337 बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष को भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा रहा है, ताकि किसानों की फसलों एवं जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बाढ़ के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। मंत्री ने लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर को लेकर कहा कि करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से इसका विकास कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
निरीक्षण के पश्चात मंत्री ने स्थानीय डाक बंगले में सिंचाई विभाग, जल जीवन मिशन एवं नलकूप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक भी की। इस मौके पर पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी, एसडीएम आनंद कुमार तिवारी, बाढ़खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह, तहसीलदार विपुल सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सहित लखनऊ एवं अयोध्या मंडल के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।








