प्रयागराजः माफिया के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन लगातार अवैध संपत्तियों को चिह्नित कर जब्ती की कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में जब्त की गई इन संपत्तियों का उपयोग अब जनहित से जुड़ी योजनाओं के लिए करने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार की मंशा है कि इन जमीनों पर भविष्य में स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएं।
मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि माफिया से मुक्त कराई गई जमीनों का उपयोग आम जनता के हित में किया जाएगा। इसी दिशा में प्रयागराज प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
जिला प्रशासन के अनुसार, माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई अशरफ और उनके अन्य करीबी रिश्तेदारों से जुड़ी लगभग 345 करोड़ की अनुमानित संपत्तियां जब्त की गई हैं। इनमें आवासीय मकान और विभिन्न स्थानों पर स्थित जमीनें शामिल हैं।
तहसील सदर के एनुद्दीनपुर में अतीक अहमद की करीब 13,800 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाली नौ जमीनें जब्त की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹9.96 करोड़ से अधिक बताई गई है।
इसके अलावा कौशांबी की चायल तहसील के रसूलाबाद उर्फ कोइलहा में लगभग 14,602 वर्गमीटर भूमि जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹24 करोड़ है।
वहीं फूलपुर तहसील के हवेलिया क्षेत्र में 18,260 वर्गमीटर और 11,300 वर्गमीटर के दो भूखंड जब्त किए गए हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹123.28 करोड़ बताई गई है।
प्रशासन ने लखनऊ में भी लगभग 5,160 वर्गमीटर भूमि जब्त की है। इसके अलावा प्रयागराज और लखनऊ में कई मकानों को भी जब्ती की कार्रवाई के दायरे में लाया गया है।
प्रशासन के मुताबिक, जब्ती के बाद नियमानुसार संपत्तियों की कुर्की की जाएगी। राज्य सरकार में निहित होने के बाद इन जमीनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवंटित किया जाएगा।
पूर्व में एयरपोर्ट के आसपास के गांवों में माफिया और उसके करीबियों से कुर्क की गई लगभग ढाई हेक्टेयर जमीन को प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना के लिए उपयोग में लाने की तैयारी चल रही है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार में निहित होने के बाद आवश्यकतानुसार इन जमीनों को स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।








