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उन्नाव: आटा, दाल, चावल में जीएसटी का व्यापारियों ने किया विरोध

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protest against ata dal chawal

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उन्नाव। खाद्य सामग्री, स्टेशनरी तथा अन्य जरूरी वस्तुओं पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का व्यापारियों ने विरोध किया है। बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में व्यापारियों ने नारेबाजी की। वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को दिया। इसमें जीएसटी खत्म करने की मांग की। कहा कि महंगाई बढ़ने से खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव के नेतृत्व में व्यापारियों ने 18 जुलाई से आटा, मैदा, बेसन, दूध, दही, पनीर, पेंसिल, एलईडी सहित अन्य वस्तुओं पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का विरोध किया।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने कहा कि पांच फीसदी जीएसटी लगाने से दाल, चावल, आटा, दूध, दही, छाछ समेत खाद्य वस्तुओं की कीमतों में दो से लेकर पांच रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। एक किलो से लेकर 25 किलो तक की पैकिंग पर जीएसटी लगा दी गई और 25 किलो के ऊपर की पैकिंग पर जीएसटी नहीं लगाई गई। इसका प्रभाव सीधा मध्य वर्ग की जेब पर पड़ेगा। स्टेशनरी पर जीएसटी लगने से बच्चों की कॉपी, पेंसिल खरीदने में दिक्कत होगी।
व्यापारियों ने वित्त मंत्री से तत्काल जीएसटी वापस लेने की मांग की। डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम नरेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया। इस दौरान राजेश सिंह, शैलेंद्र गुप्ता, सुधीश कटियार, नवीन तिवारी, अवधेश सिंह, नगर अध्यक्ष संजय शुक्ला, सुमित गुप्ता, दिनेश कुशवाहा, अनिल कुमार, सौरभ सोनी, सुरेश कुशवाहा, महेंद्र निगम, अर्चना मिश्रा, अनु पांडेय मौजूद रहे।

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उन्नाव। खाद्य सामग्री, स्टेशनरी तथा अन्य जरूरी वस्तुओं पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का व्यापारियों ने विरोध किया है। बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में व्यापारियों ने नारेबाजी की। वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को दिया। इसमें जीएसटी खत्म करने की मांग की। कहा कि महंगाई बढ़ने से खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव के नेतृत्व में व्यापारियों ने 18 जुलाई से आटा, मैदा, बेसन, दूध, दही, पनीर, पेंसिल, एलईडी सहित अन्य वस्तुओं पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का विरोध किया।

व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने कहा कि पांच फीसदी जीएसटी लगाने से दाल, चावल, आटा, दूध, दही, छाछ समेत खाद्य वस्तुओं की कीमतों में दो से लेकर पांच रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। एक किलो से लेकर 25 किलो तक की पैकिंग पर जीएसटी लगा दी गई और 25 किलो के ऊपर की पैकिंग पर जीएसटी नहीं लगाई गई। इसका प्रभाव सीधा मध्य वर्ग की जेब पर पड़ेगा। स्टेशनरी पर जीएसटी लगने से बच्चों की कॉपी, पेंसिल खरीदने में दिक्कत होगी।

व्यापारियों ने वित्त मंत्री से तत्काल जीएसटी वापस लेने की मांग की। डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम नरेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया। इस दौरान राजेश सिंह, शैलेंद्र गुप्ता, सुधीश कटियार, नवीन तिवारी, अवधेश सिंह, नगर अध्यक्ष संजय शुक्ला, सुमित गुप्ता, दिनेश कुशवाहा, अनिल कुमार, सौरभ सोनी, सुरेश कुशवाहा, महेंद्र निगम, अर्चना मिश्रा, अनु पांडेय मौजूद रहे।

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