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उन्नाव : आयुष्मान मरीजों का इलाज न करने पर योजना से हटाए गए छह अस्पताल

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उन्नाव। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में शामिल जिले के छह अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करने में हीलाहवाली बरती। यहां चार साल में कोई मरीज भर्ती नहीं हो सका। इसकी सूचना शासन स्तर पर पहुंचने के बाद इन अस्पतालों को योजना से हटा दिया गया है।
आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थी पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त करा सकते हैं। जिले में इस योजना के तहत 17 सरकारी व 25 निजी अस्पतालों का चयन हुआ था।
साल 2018 में शुरू हुई इस योजना में छह अस्पताल ऐसे मिले हैं, जिन्होंने मरीजों को भर्ती नहीं किया। इनमें दो अस्पतालों ने एक-एक मरीज भर्ती किया, लेकिन उनका भी पूरा इलाज नहीं हो सका। इन अस्पताल संचालकों को सुधार के लिए तीन-चार बार नोटिस भी जारी हुए थे। शासन स्तर से आयुष्मान मरीजों के इलाज की प्रगति आख्या मांगी गई तो हकीकत सामने आ गई। स्वास्थ्य महानिदेशक ने इन अस्पतालों को योजना से अलग करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि इन अस्पतालों ने मरीजों के इलाज में लापरवाही बरती है। शासन के निर्देश पर सभी को योजना से हटा दिया गया है।
अस्पताल और मरीजों की संख्या
सिंह फ्रैक्चर अस्पताल हसनगंज, शून्य
सेवा हॉस्पिटल नवाबगंज, एक
आदर्श हॉस्पिटल बांगरमऊ, शून्य
डॉ. विनय बिहारी मेहरोत्रा अस्पताल, शून्य
इंद्रप्रस्थ अस्पताल शुक्लागंज, शून्य
नवनिष्ठा हॉस्पिटल शुक्लागंज, शून्य

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उन्नाव। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में शामिल जिले के छह अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करने में हीलाहवाली बरती। यहां चार साल में कोई मरीज भर्ती नहीं हो सका। इसकी सूचना शासन स्तर पर पहुंचने के बाद इन अस्पतालों को योजना से हटा दिया गया है।

आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थी पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त करा सकते हैं। जिले में इस योजना के तहत 17 सरकारी व 25 निजी अस्पतालों का चयन हुआ था।

साल 2018 में शुरू हुई इस योजना में छह अस्पताल ऐसे मिले हैं, जिन्होंने मरीजों को भर्ती नहीं किया। इनमें दो अस्पतालों ने एक-एक मरीज भर्ती किया, लेकिन उनका भी पूरा इलाज नहीं हो सका। इन अस्पताल संचालकों को सुधार के लिए तीन-चार बार नोटिस भी जारी हुए थे। शासन स्तर से आयुष्मान मरीजों के इलाज की प्रगति आख्या मांगी गई तो हकीकत सामने आ गई। स्वास्थ्य महानिदेशक ने इन अस्पतालों को योजना से अलग करने के निर्देश दिए हैं।

सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि इन अस्पतालों ने मरीजों के इलाज में लापरवाही बरती है। शासन के निर्देश पर सभी को योजना से हटा दिया गया है।

अस्पताल और मरीजों की संख्या

सिंह फ्रैक्चर अस्पताल हसनगंज, शून्य

सेवा हॉस्पिटल नवाबगंज, एक

आदर्श हॉस्पिटल बांगरमऊ, शून्य

डॉ. विनय बिहारी मेहरोत्रा अस्पताल, शून्य

इंद्रप्रस्थ अस्पताल शुक्लागंज, शून्य

नवनिष्ठा हॉस्पिटल शुक्लागंज, शून्य

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