Home उत्तर प्रदेश उन्नाव हाईकोर्ट से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की मौजूदगी में होगी पैमाइश

हाईकोर्ट से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की मौजूदगी में होगी पैमाइश

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पाटन। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बताकर ढहाया गया निर्माण राजस्व अधिकारियों के लिए मुसीबत बन गया है। भवन स्वामी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। अब हाईकोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर पैमाइश कराने का आदेश दिया है।
बीघापुर तहसील के ग्राम गडरियाखेड़ा में उन्नाव-रायबरेली राजमार्ग के किनारे पुरुषोत्तम व चंद्रिका प्रसाद का कारखाना, आरा मशीन, आटा चक्की व स्पैलर था। यहां पर उनके उत्तराधिकारी सचिन शुक्ला रहते हैं। 15 जुलाई को एसडीएम दयाशंकर पाठक, नायब तहसीलदार राकेश कुमार, कानूनगो राजस्व धनीराम वर्मा, सीओ बीघापुर धीरेंद्र प्रताप सिंह आदि ने बिहार व बारासगवर पुलिस बल के साथ पूरी इमारत व कारखाने को ध्वस्त करा दिया था।
भवन स्वामी सचिन शुक्ला निर्माण को वैध व पैतृक बताया था लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी थी। इसके बाद सचिन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी और तहसील के खास अधिकारी पर जान बूझकर मिल व आटा चक्की का नंबर उसकी भूमि से हटाने का आरोप लगाया था।
हाईकोर्ट ने पैमाइश के लिए कमिश्नर नियुक्त कर दिया है। शनिवार सुबह 11 बजे कमिश्नर की मौजूदगी में पैमाइश कराई जाएगी। एसडीएम दयाशंकर पाठक ने बताया कि हाईकोर्ट से ध्वस्तीकरण के लिए आदेश हो गया था।
बीघापुर। तहसील क्षेत्र की ग्रामसभा पसनियाखेड़ा में बेशकीमती जमीन पर गांव के ही दबंग ने कब्जा कर रखा है। प्रधान पति रावेंद्र सिंह व गांव के आशीष, उमेश, पन्नालाल, रामगहन, हरिद्वार, सीमा देवी, लाली देवी, शिव बोधन ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व राजस्व परिषद को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि तहसील की सांठगांठ से कब्जा किया जा रहा है। मार्ग पर भी कब्जा कर इसे अवरुद्ध कर दिया गया है। मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। (संवाद)

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पाटन। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बताकर ढहाया गया निर्माण राजस्व अधिकारियों के लिए मुसीबत बन गया है। भवन स्वामी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। अब हाईकोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर पैमाइश कराने का आदेश दिया है।

बीघापुर तहसील के ग्राम गडरियाखेड़ा में उन्नाव-रायबरेली राजमार्ग के किनारे पुरुषोत्तम व चंद्रिका प्रसाद का कारखाना, आरा मशीन, आटा चक्की व स्पैलर था। यहां पर उनके उत्तराधिकारी सचिन शुक्ला रहते हैं। 15 जुलाई को एसडीएम दयाशंकर पाठक, नायब तहसीलदार राकेश कुमार, कानूनगो राजस्व धनीराम वर्मा, सीओ बीघापुर धीरेंद्र प्रताप सिंह आदि ने बिहार व बारासगवर पुलिस बल के साथ पूरी इमारत व कारखाने को ध्वस्त करा दिया था।

भवन स्वामी सचिन शुक्ला निर्माण को वैध व पैतृक बताया था लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी थी। इसके बाद सचिन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी और तहसील के खास अधिकारी पर जान बूझकर मिल व आटा चक्की का नंबर उसकी भूमि से हटाने का आरोप लगाया था।

हाईकोर्ट ने पैमाइश के लिए कमिश्नर नियुक्त कर दिया है। शनिवार सुबह 11 बजे कमिश्नर की मौजूदगी में पैमाइश कराई जाएगी। एसडीएम दयाशंकर पाठक ने बताया कि हाईकोर्ट से ध्वस्तीकरण के लिए आदेश हो गया था।

बीघापुर। तहसील क्षेत्र की ग्रामसभा पसनियाखेड़ा में बेशकीमती जमीन पर गांव के ही दबंग ने कब्जा कर रखा है। प्रधान पति रावेंद्र सिंह व गांव के आशीष, उमेश, पन्नालाल, रामगहन, हरिद्वार, सीमा देवी, लाली देवी, शिव बोधन ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व राजस्व परिषद को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि तहसील की सांठगांठ से कब्जा किया जा रहा है। मार्ग पर भी कब्जा कर इसे अवरुद्ध कर दिया गया है। मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। (संवाद)

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