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डेंगू का प्रकोप: यूपी सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर मांगा 55 हजार लीटर मिट्टी का तेल, छिड़काव के लिए है जरूरी

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प्रतीकात्मक तस्वीर

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डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राशन की दुकानों पर केरोसिन वितरण की मांग तेजी से उठ रही है। उधर खाद्य एवं रसद विभाग ने कहा है कि उसके पास केवल बचा हुआ और रिजर्व में रखा स्टॉक ही है। इस पर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 55 हजार लीटर मिट्टी का तेल मांगा है।

इस समय मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। खास तौर पर डेंगू और मलेरिया से लोग परेशान हैं। ऐसे में लोगों को मच्छर और उसका लार्वा मारने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी कह रहा है कि यदि घर के आसपास जहां भी पानी जमा देखें वहां केरोसिन यानी मिट्टी का तेल छिड़क दें।

इस मौसम में कूलर के इस्तेमाल से भी बचना चाहिए। केरोसिन मच्छर और इसके लार्वा दोनों को ही मार डालता है। चूंकि अब राशन की दुकानों पर मिट्टी का तेल मिलना बंद हो गया है तो लोग मांग कर रहे हैं कि इसका वितरण फिर से शुरू किया जाए।

उधर राशन विक्रेता भी इस बाबत दिल्ली तक जाकर मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि इस सीजन में मिट्टी का तेल बंटना चाहिए। केंद्र सरकार को इसकी मंजूरी देते हुए कोटा जारी करना चाहिए। उधर, खाद्य एवं रसद विभाग रिजर्व में रखे केरोसिन को बेचने की तैयारी कर रहा है। वर्ष 2021 का बचा हुआ केरोसिन भी कुछ जिलों में ही रखा है। इसे भी बेचा जाएगा लेकिन केवल मलेरिया विभाग को। वह भी व्यावसायिक दर पर। ऐसे में आम लोगों को इसका कोई खास लाभ होने वाला नहीं है।

मलेरिया विभाग इसमें पैराथम मिलाकर छिड़काव करता है। अब खाद्य एवं रसद विभाग के विशेष सचिव दिव्य प्रकाश ने पेट्रोलियम एवं गैस मंत्रालय को पत्र लिखकर 55 हजार लीटर मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने को कहा है।

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डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राशन की दुकानों पर केरोसिन वितरण की मांग तेजी से उठ रही है। उधर खाद्य एवं रसद विभाग ने कहा है कि उसके पास केवल बचा हुआ और रिजर्व में रखा स्टॉक ही है। इस पर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 55 हजार लीटर मिट्टी का तेल मांगा है।

इस समय मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। खास तौर पर डेंगू और मलेरिया से लोग परेशान हैं। ऐसे में लोगों को मच्छर और उसका लार्वा मारने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी कह रहा है कि यदि घर के आसपास जहां भी पानी जमा देखें वहां केरोसिन यानी मिट्टी का तेल छिड़क दें।

इस मौसम में कूलर के इस्तेमाल से भी बचना चाहिए। केरोसिन मच्छर और इसके लार्वा दोनों को ही मार डालता है। चूंकि अब राशन की दुकानों पर मिट्टी का तेल मिलना बंद हो गया है तो लोग मांग कर रहे हैं कि इसका वितरण फिर से शुरू किया जाए।

उधर राशन विक्रेता भी इस बाबत दिल्ली तक जाकर मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि इस सीजन में मिट्टी का तेल बंटना चाहिए। केंद्र सरकार को इसकी मंजूरी देते हुए कोटा जारी करना चाहिए। उधर, खाद्य एवं रसद विभाग रिजर्व में रखे केरोसिन को बेचने की तैयारी कर रहा है। वर्ष 2021 का बचा हुआ केरोसिन भी कुछ जिलों में ही रखा है। इसे भी बेचा जाएगा लेकिन केवल मलेरिया विभाग को। वह भी व्यावसायिक दर पर। ऐसे में आम लोगों को इसका कोई खास लाभ होने वाला नहीं है।

मलेरिया विभाग इसमें पैराथम मिलाकर छिड़काव करता है। अब खाद्य एवं रसद विभाग के विशेष सचिव दिव्य प्रकाश ने पेट्रोलियम एवं गैस मंत्रालय को पत्र लिखकर 55 हजार लीटर मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने को कहा है।



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