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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा : जुर्म कुबूल कराने के लिए थर्ड डिग्री और इलेक्ट्रिक शॉक क्यों देती है पुलिस

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अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 09 Feb 2022 01:24 AM IST

सार

यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने रशीदा पति हारून व बेटियों की तरफ से दाखिल आपराधिक याचिका पर दिया है। याचिका में कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच एजेंसी से विवेचना कराने की मांग की गई है।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शामली जिले के थाना कैराना में पुलिस द्वारा आरोपियों को घर से उठाकर हवालात में बंद कर जुर्म कबूल कराने के लिए थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करने व इलेक्ट्रिक शॉक देने के मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करने व इलेक्ट्रिक शॉक के खिलाफ दाखिल की गई है। मामले की सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने रशीदा पति हारून व बेटियों की तरफ से दाखिल आपराधिक याचिका पर दिया है। याचिका में कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच एजेंसी से विवेचना कराने की मांग की गई है। साथ ही पुलिस उत्पीड़न के एवज में मुआवजा दिलाये जाने की भी मांग की गई है।

आरोप है कि जून-जुलाई 2020 में थाना कैराना के सीओ और एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारियों ने दो औरतों की हत्या के मामले में याची व उसके पति तथा बेटियों को थाने में लाकर थर्ड डिग्री का प्रयोग किया। जबरन जुर्म कबूल करने के लिए इलेक्ट्रिक शॉक भी दिया गया।

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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शामली जिले के थाना कैराना में पुलिस द्वारा आरोपियों को घर से उठाकर हवालात में बंद कर जुर्म कबूल कराने के लिए थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करने व इलेक्ट्रिक शॉक देने के मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करने व इलेक्ट्रिक शॉक के खिलाफ दाखिल की गई है। मामले की सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने रशीदा पति हारून व बेटियों की तरफ से दाखिल आपराधिक याचिका पर दिया है। याचिका में कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच एजेंसी से विवेचना कराने की मांग की गई है। साथ ही पुलिस उत्पीड़न के एवज में मुआवजा दिलाये जाने की भी मांग की गई है।

आरोप है कि जून-जुलाई 2020 में थाना कैराना के सीओ और एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारियों ने दो औरतों की हत्या के मामले में याची व उसके पति तथा बेटियों को थाने में लाकर थर्ड डिग्री का प्रयोग किया। जबरन जुर्म कबूल करने के लिए इलेक्ट्रिक शॉक भी दिया गया।

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