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Agra: आरटीआई के तहत नहीं दी सूचना, सीडीओ और पंचायतराज अधिकारी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना

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आगरा में जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रैती ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ए मनिकन्डन एवं बटेश्वर ग्राम पंचायत राज अधिकारी गौरव यादव पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड की वसूली दोनों अधिकारियों के वेतन से करने के आदेश दिए हैं।

बाह निवासी महेंद्र सिंह निषाद ने आरटीआई एक्ट 2005 के तहत सीडीओ कार्यालय एवं पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से सूचनाएं मांगी गई थीं। न सूचनाएं उपलब्ध कराईं, न कारण बताया। शिकायतकर्ता ने राज्य आयोग में अपील दाखिल की, फिर भी दोनों अधिकारियों ने आयोग में लिखित जवाब दाखिल नहीं किया। सुनवाई के बाद आयोग ने दंडात्मक कार्रवाई के आदेश देते हुए दोनों अधिकारियों पर 250-250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 

एडीएम सिटी पर भी लग चुका है जुर्माना

सीडीओ से जुर्माना वसूली के निर्देश आयुक्त ग्राम्य विकास और ग्राम पंचायत राज अधिकारी से वसूली के आदेश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए हैं। पिछले महीने आरटीआई में सूचना नहीं देने पर आयोग ने एडीएम सिटी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जिसकी वसूली अभी तक लंबित है। 

सूचनाएं छुपाते हैं अफसर

जन प्रहरी संस्था सचिव एवं आरटीआई विशेषज्ञ नरोत्तम शर्मा का कहना है कि पुलिस, प्रशासन व अन्य विभागों में अधिकारी सूचनाएं देने के प्रति संवेदशील नहीं हैं। सूचनाएं छुपाते हैं। कई बार गलत सूचनाएं देते हैं। ऐसे में आरटीआई कानून का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध जुर्माने के अलावा सख्त कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।

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विस्तार

आगरा में जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रैती ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ए मनिकन्डन एवं बटेश्वर ग्राम पंचायत राज अधिकारी गौरव यादव पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड की वसूली दोनों अधिकारियों के वेतन से करने के आदेश दिए हैं।

बाह निवासी महेंद्र सिंह निषाद ने आरटीआई एक्ट 2005 के तहत सीडीओ कार्यालय एवं पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से सूचनाएं मांगी गई थीं। न सूचनाएं उपलब्ध कराईं, न कारण बताया। शिकायतकर्ता ने राज्य आयोग में अपील दाखिल की, फिर भी दोनों अधिकारियों ने आयोग में लिखित जवाब दाखिल नहीं किया। सुनवाई के बाद आयोग ने दंडात्मक कार्रवाई के आदेश देते हुए दोनों अधिकारियों पर 250-250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 

एडीएम सिटी पर भी लग चुका है जुर्माना

सीडीओ से जुर्माना वसूली के निर्देश आयुक्त ग्राम्य विकास और ग्राम पंचायत राज अधिकारी से वसूली के आदेश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए हैं। पिछले महीने आरटीआई में सूचना नहीं देने पर आयोग ने एडीएम सिटी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जिसकी वसूली अभी तक लंबित है। 

सूचनाएं छुपाते हैं अफसर

जन प्रहरी संस्था सचिव एवं आरटीआई विशेषज्ञ नरोत्तम शर्मा का कहना है कि पुलिस, प्रशासन व अन्य विभागों में अधिकारी सूचनाएं देने के प्रति संवेदशील नहीं हैं। सूचनाएं छुपाते हैं। कई बार गलत सूचनाएं देते हैं। ऐसे में आरटीआई कानून का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध जुर्माने के अलावा सख्त कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।

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