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Agra News: पुलिस को चकमा देकर बंदी फरार, व्हीलचेयर पर बैठकर जा रहा था वॉशरूम, नजर हटते ही लगा दी दौड़

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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग के हड्डी वार्ड में भर्ती कासगंज जिला कारागार का बंदी नीरू रविवार सुबह अभिरक्षा से भाग निकला। वह नहाने के बहाने व्हीलचेयर पर शौचालय में आया था। बंदीरक्षकों की नजर बचते ही व्हीलचेयर छोड़कर भाग निकला। बंदीरक्षकों को पता चलने पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने पहुंचकर तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। मामले में बंदी और कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने बताया कि एटा के थाना जलेसर स्थित गांव मोहब्बतपुरा निवासी नीरू (48) पुत्र महेश के खिलाफ कोतवाली नगर एटा और जलेसर में दुष्कर्म और सरकारी कार्य में बाधा के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एटा जेल से प्रशासनिक आधार पर उसे फतेहगढ़ जेल भेजा गया। 26 अगस्त 2021 को कासगंज जेल में स्थानांतरित किया था।

नई सर्जरी बिल्डिंग के प्रथम तल पर था भर्ती

14 जुलाई को उसे रीढ़ की हड्डी में दिक्कत हुई थी। जेल प्रशासन ने कासगंज जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उसे जेल में दाखिल कर दिया गया। मगर, उसने दिक्कत फिर बताई। वह चल फिर नहीं पा रहा था। 17 अगस्त को कासगंज जिला अस्पताल से नीरू को एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वह नई सर्जरी बिल्डिंग के प्रथम तल पर हड्डी विभाग में भर्ती था।

छह बंदीरक्षकों की लगी थी ड्यूटी

जिला कारागार कासगंज से छह बंदीरक्षकों को बंदी के साथ अभिरक्षा में लगाया गया था, जोकि शिफ्ट में ड्यूटी दे रहे थे। नीरू ज्यादातर समय बेड पर ही रहता था। वार्ड से शौचालय जाने के लिए व्हीलचेयर का ही इस्तेमाल करता था। पुलिसकर्मी उसे लेकर जाते थे।

अस्पताल से मिलनी थी छुट्टी

थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि नीरू का एमआरआई कराया गया था। इसमें रिपोर्ट सामान्य आई थी। इस पर उसे डॉक्टर छुट्टी देने की तैयारी कर रहे थे। रविवार हो उसे जिला जेल भेजा जाना था। सुबह सात बजे उसने शौचालय और नहाने जाने की बात कही। 

वह व्हीलचेयर पर वार्ड से 50 मीटर की दूरी पर शौचालय में आ गया। इसके बाद वापस नहीं गया। मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी ने शौचालय के बाहर व्हीलचेयर खाली देखकर वो ले जाने लगा। तभी बंदीरक्षकों की नजर पड़ गई। उन्होंने बंदी के बारे में पूछा। मगर, कर्मचारी कुछ नहीं बता सका। इस पर तलाश की।

नेकर और टीशर्ट पहनकर निकल गया बाहर

थाना पुलिस ने जांच की। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए। इसमें नजर आया कि बंदी शौचालय से नेकर और टीशर्ट में आता है। हाथ में एक पॉलीथिन लगी है। बाहर आने के बाद सीढ़ियों से नीचे चला जाता है। वह पहले बेसमेंट में जाता है। भूतल पर आकर बाहर निकल जाता है। इसके बाद कहां गया? यह पता नहीं चला।

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एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि बंदी की सुरक्षा में तीन शिफ्ट में कासगंज जिला कारागार के दो-दो बंदीरक्षक लगे हुए थे। इस संबंध में बंदी और कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार बंदी की तलाश की जा रही है।

पहले भी फरार हो चुके हैं बंदी

आगरा में बंदी के फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बंदी एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और दीवानी से फरार हो चुके हैं। जुलाई में विनय श्रोत्रिय दीवानी से फरार हो गया था। वह सिपाही को चकमा दे गया था। उसके साथी जेल जा चुके हैं। मगर, उसका अब तक पता नहीं चला है। 

विस्तार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग के हड्डी वार्ड में भर्ती कासगंज जिला कारागार का बंदी नीरू रविवार सुबह अभिरक्षा से भाग निकला। वह नहाने के बहाने व्हीलचेयर पर शौचालय में आया था। बंदीरक्षकों की नजर बचते ही व्हीलचेयर छोड़कर भाग निकला। बंदीरक्षकों को पता चलने पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने पहुंचकर तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। मामले में बंदी और कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार अवस्थी ने बताया कि एटा के थाना जलेसर स्थित गांव मोहब्बतपुरा निवासी नीरू (48) पुत्र महेश के खिलाफ कोतवाली नगर एटा और जलेसर में दुष्कर्म और सरकारी कार्य में बाधा के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एटा जेल से प्रशासनिक आधार पर उसे फतेहगढ़ जेल भेजा गया। 26 अगस्त 2021 को कासगंज जेल में स्थानांतरित किया था।

नई सर्जरी बिल्डिंग के प्रथम तल पर था भर्ती

14 जुलाई को उसे रीढ़ की हड्डी में दिक्कत हुई थी। जेल प्रशासन ने कासगंज जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उसे जेल में दाखिल कर दिया गया। मगर, उसने दिक्कत फिर बताई। वह चल फिर नहीं पा रहा था। 17 अगस्त को कासगंज जिला अस्पताल से नीरू को एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वह नई सर्जरी बिल्डिंग के प्रथम तल पर हड्डी विभाग में भर्ती था।

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