कानपुर। बटुक हमारे पूजनीय हैं, उनकी चोटी पकड़कर अपमानित किया गया। डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्हें महापाप पड़ेगा, लेकिन डिप्टी सीएम की चलती ही नहीं है, ये किसी लायक नहीं। ऐसे डिप्टी सीएम को कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। शंकराचार्य का सम्मान होना चाहिए, लेकिन सरकार उनको अपमानित करने में लगी है। यह सरकार का लोकतांत्रिक व्यवहार नहीं हो सकता। यह बात बुधवार को यहां एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने आए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेशवरानंद विवाद में सरकार को घेरते हुए कही।
सपा प्रमुख ने पत्रकारों से बात करते हुए एसआईआर को लेकर कहा कि उन्नाव में 3 लाख से ज्यादा लोगों को नोटिस दिया गया। भाजपा के लोग तो एनआरसी लाकर मुस्लिमों से कागज ढुंढ़वा रहे थे। लेकिन एसआईआर के बाद तो हिंदू भाई ही कागज खोजने में जुटे हैं, क्योंकि अगर आप भारत के नागरिक है तो वोटर हैं और अगर वोटर हैं तो भारत के नागरिक हैं।
सीएम योगी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिंगापुर देख आए हैं। अब कानपुर को खोदकर सिंगापुर बनाएंगे। जापान में एमओयू साइन कर रहे हैं। कहीं मुख्यमंत्री जी जापान जिसका एक नाम निप्पॉन है, को बदलकर उगते हुए सूरज का पर्यायवाची आदित्यपुर या आदित्यपुरम करके न आ जाएं।
उन्होंने कहा कि आइए, हम आप मिलकर नई सरकार बनाएं, कानपुर का विकास करें, सड़कों पर आवारा पशु न घूमें और यूपी की अर्थव्यवस्था में कानपुर की साझेदारी हो। अभी तो गंगा भी गंदी हैं। समाजवादी सरकार बनने पर मां गंगा की सफाई के साथ वर्ल्ड क्लास और देखने में अच्छा लगे, ऐसा कानपुर बनाएंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि एआई को लेकर भाजपा ने कोई इकोसिस्टम तैयार नहीं किया। न ही कोई इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया। आयोजन में सब कुछ नकली चीजें दिखा रहे थे। जब आप दूसरे देश में बना रोबोट दिखाएंगे तो सवाल उठना स्वाभाविक है। नाराजगी भी स्वाभाविक है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि यह सिक्योरिटी फेलियर है। अखिलेश यादव के साथ आई उनकी बेटी अदिति ने सीसामऊ से सपा विधायक नसीम सोलंकी के साथ स्वरूप नगर स्थित घंटाघर में एक रेस्टोरेंट का उद्घाटन किया। इसके बाद अखिलेश, अदिति और नसीम के साथ ‘मुन्ना समोसा’ की दुकान भी पहुंचे।








