पश्चिम बंगाल में राम नवमी के अवसर पर निकलने वाली शोभा यात्राओं को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पूरे राज्य में लगभग 3,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस बार शोभा यात्राओं के लिए गाइडलाइंस काफी सख्त हैं-
– हथियार ले जाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
– शोभा यात्रा में शामिल होने वालों की संख्या 500 तक सीमित कर दी गई है।
– राज्य भर में लगभग 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “यदि शोभा यात्रा नियमों के अनुरूप नहीं निकाली गई तो उसे तत्काल रोक दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” अधिकारी ने बताया, “हावड़ा, चंदननगर और इस्लामपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) समेत केंद्रीय बलों को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तैनात किया जाएगा।”
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए राज्य सचिवालय नबन्ना में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, एडीजी (कानून व्यवस्था) और सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।
अधिकारियों के अनुसार, राम नवमी के अवसर पर शोभा यात्रा 26 से 29 मार्च के बीच पूरे राज्य में निकाले जाने की संभावना है, जिनमें से सबसे अधिक शोभा यात्राएं गुरुवार को निकाले जाने की उम्मीद है। जिला अधिकारियों को सभी शोभा यात्रा अदालत के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।








