लखनऊ : शहर के ज्यादातर पेट्रोल पंप संचालकों ने शुक्रवार को लिमिट तय कर पेट्रोल-डीजल दिया, इससे लोगों के मन में किल्लत की आशंका घर गई और और पंपों पर वाहनों की कतारें लंबी हो गईं। पर्याप्त स्टॉक के दावे के बावजूद दो पहिया वाहन में 200 रुपये और चार पहिया वाहनों को 1500 रुपये तक का पेट्रोल-डीजल ही दिया गया।
लिमिट तय करने से इंदिरा नगर, खुर्रम नगर, अलीगंज, डालीगंज, हजरतगंज, चारबाग, गोमती नगर कई पंपों पर कर्मियों और वाहन चालकों से नोकझोंक तक हो गई। वाहनों की लंबी कतार और मांग बढ़ने से कई पंप पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। वहां, कुछ देर के लिए बिक्री रोक दी गई और टैंकर आने के बाद बिक्री की गई। वाहनों के अलावा केन, ड्रम आदि में डीजल लेने पहुंचे लोगों को वापस कर दिया गया। कुछ जगह पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए।
अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति ज्योति गौतम, जिलापूर्ति आधिकारी विजय प्रताप सिंह समेत तेल कंपनियों के अधिकारियों ने पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया और स्थितियां देखी। अफसरों ने कतार में लगे लोगों को समझाया कि ईधन की कमी नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न दें।
जिलाधिकारी विशाख जी ने पेट्रोल पम्प संचालकों के साथ बैठक करके सख्त निर्देश दिए कि किसी भी हालत में पंप बंद न किए जाएं। स्टाक खत्म होने पर पहले से ही बुकिंग कराकर टैंकर मंगा लें। पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है। लापरवाही या शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारों की मानें तो शहर हो या ग्रामीण इलाका पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं है। लेकिन, अफवाहों के बीच जरूरत से ज्यादा वाहनों में पेट्राेल-डीजल भराने से संकट जैसे हालात बने हैं। कारोबार के लिए भी डीजल जरूरत से ज्यादा खरीद रहे हैं। अचानक खपत बढ़ने से सामान्य दिनों में दो से तीन दिन चलने वाला स्टॉक कुछ घंटों में खत्म हो रहा है।
संचालकों के अनुसार, स्टॉक खत्म होने पर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता तेल कंपनियां तुरंत करा रही है। बुकिंग करने पर दो से तीन घंटे में टैंकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच जाते हैं। इंडियन आयल का ट्रमिनल और एचपीसीएल का डिपो अमौसी में हैं, यहां से तुरंत स्टॉक मिल जाता है। जबकि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का ट्रमिनल कानपुर के भौती में है, यहां से भी चार से पांच घंटे में पेट्रोल-डीजल के टैंकर पहुंच जाते हैं। चर्चा यह भी है कि कंपनियां बुकिंग करने पर रुपये एडवांस ले रही है। इस कारण जो पंप संचालक नकद भुगतान नहीं कर पा उन्हें स्टॉक नहीं मिला रहा।








