बाराबंकी। सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को महिला कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के नेतृत्व में भाजपाइयों ने सपा सांसद द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। सड़कों पर उतरे आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सपा सांसद की बर्खास्तगी की मांग की और कहा कि ऐसी अमर्यादित भाषा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन के लिए गन्ना दफ्तर में जुटीं महिलाओं को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरी तरह से हताश, निराश और बौखलाया हुआ है। वे अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। जिला अध्यक्ष रामसिंह वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की बयानबाजी नहीं रुकी, तो शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों को डॉ. राम कुमारी मौर्य, अल्का मिश्रा, रचना श्रीवास्तव, सरोज रावत, ब्लॉक प्रमुख आरती रावत, डीडीसी नेहा आनंद आदि ने भी संबोधित किया। इसके बाद गन्ना दफ्तर से पैदल मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट पर जाकर प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं का एक स्वर में कहना था कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अभद्र भाषा बोलने वाले पार्टी सांसद को बर्खास्त करना चाहिए।
हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं अखिलेश यादव शर्म करो, प्रधानमंत्री का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, सपा सांसद माफी मांगो जैसे नारे लगाती रहीं। प्रदर्शनकारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में समाजवादी पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेताओं का स्पष्ट कहना है कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान अल्का मिश्रा, सरिता सिंह, सरोज रावत, सरिता रावत, शिल्पी सिंह, पुष्पा त्रिवेदी, डॉ नीलम वर्मा, ऊषा शर्मा, प्रमिला श्रीवास्तव, एमएलसी अंगद सिंह, शरद अवस्थी, हरगोविंद सिंह, डॉ विवेक वर्मा, विजय आनंद बाजपेई, पवन सिंह रिंकू, ब्रजेश रावत, जंग बहादुर पटेल, वैभव मिश्रा, डॉ. सतीश चंद्रा, सूरज सिंह, चमन सिंह, प्रेम रस्तोगी, सुनील मिश्रा, प्रदीप मोर्य, विभव मिश्रा, प्रदीप मिश्रा, मनोज कुरील, मनोज वर्मा, सतीश विश्वकर्मा और मुकेश त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।








