पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले कराची शहर में भारी बारिश और आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। मौसम से जुड़ी घटनाओं की चपेट में आने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है। बारिश और आंधी-तूफान की वजह से हुई मौतों के बाद शहर प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है।
कराची में बुधवार रात बेरहम मौसम ने किस तरह की तबाही मचाई है इस अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तेज हवाओं के चलने से मकानों की छतें उड़ गईं और दीवारें ढह गईं। कई स्थानों पर पेड़ और साइनबोर्ड गिर गए। भारी बारिश की वजह से कई स्थानों पर पानी भर गया। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को और अधिक बारिश होने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है।
कोरांगी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संगहार मलिक ने बताया कि आंधी-तूफान के दौरान छत और दीवार ढहने से 12 लोगों की मौत हो गई है। जिस जगह यह घटना हुई वहां लोग चाय पी रहे थे। उन्होंने कहा, ”आंधी-तूफान, तेज हवाओं और बारिश के कारण सईदबाद क्षेत्र के मोचको गोठ में भी एक इमारत ढह गई है।”


पुलिस अधिकारी ने बताया कि बचाव दल अभी भी मलबा हटाने का काम कर रहे हैं और मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक असद रजा ने गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि कोरांगी इलाके में एक घर की छत गिरने से वहां रहने वाले दंपति की मौत हो गई है। इसके अलावा मलिर में 2 लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लांधी क्षेत्र की मजीद कॉलोनी से हताहत होने की खबर मिली है, जबकि क्लिफ्टन में एक गिरे हुए पेड़ के नीचे दबकर एक महिला की मौत हो गई। महिला का शव बरामद कर लिया गया है।
कराची के मेयर मुर्तजा वहाब ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए वो घरों में ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर ना निकलें। ‘जियो’ टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। मौसम विभाग ने सिंध प्रांत के अन्य क्षेत्रों में भी अगले 2 दिनों तक बारिश की संभावना जताई है।








