[ad_1]
बाजार बंदी का हयात लगातार ग्रुप पर आह्वान कर रहा था। पुलिस ने इसको साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया है। पुलिस ने हयात व अन्य आरोपियों के मोबाइल कब्जे में लिए थे। मुस्लिम संगठनों के व्हाट्सएप ग्रुप हयात के मोबाइल में मिले है। बवाल के दिन सुबह से ही लगभग हर ग्रुप पर सभी की सक्रियता थी। सबसे अधिक बातचीत व अपडेट एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन कानपुर टीम नाम के ग्रुप में किया जा रहा था।
ग्रुप पर आपस में बाजार बंद को लेकर बातचीत की गई थी। तमाम खबरों की कटिंग डाली गई थी। उसके बाद जब बाजार बंद होना शुरू हुआ तो उसका अपडेट आने लगा। इसी तरह से बवाल और जब हाशमी आरोपी बनाया गया तो उससे संबंधित खबरें इसमें पोस्ट की गईं।
थोड़ी देर में वीडियो आएगा… रहमानी मार्केट बंद
हयात जफर हाशमी लगातार इस ग्रुप में प्रतिक्रिया देता रहा। खुद भी कई वीडियो व फोटो शेयर किए। जो वीडियो, फोटो आए उन पर शाबाशी दी। एक मैसेज भी लिखा… इंशाअल्लाह थोड़ी देर में वीडियो आएगा… रहमानी मार्केट बंद। इसी तरह के उसने तमाम रिप्लाई दे रखे हैं। एक-एक चैट पुलिस के पास है।
हयात की पत्नी भी सक्रिय, ग्रुप एडमिन है
ग्रुप में हयात जफर हाशमी की पत्नी काफी सक्रिय थी। वह भी बंदी से लेकर बवाल तक की तमाम वीडियो, फोटो साझा करती रही। कई मैसेज भी डाले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हयात की पत्नी ही इस ग्रुप की एडमिन है। पुलिस एक-एक मैसेज के बारे में जांच कर रही है। साथ ही इन ग्रुपों में कौन-कौन लोग जुड़े हैं और कहां के हैं। इसका पूरा ब्योरा खंगाला जा रहा है। सारे तथ्य जुटाने के बाद साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कई नामचीन शख्सियत से की बात
बवाल के दिन हयात जफर हाशमी ने शहर की कई नामचीन शख्सियत से बातचीत की। उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर से इसका खुलासा हुआ है। इसलिए अंदेशा बढ़ गया है कि इन लोगों की भी भूमिका रही है। मगर वह सामने नहीं आए। पर्दे के पीछे से साजिश में शामिल रहे।
[ad_2]
Source link








