लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने सोमवार को कहा कि उसने लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए निर्माण से जुड़़ा पहला परामर्श अनुबंध आयशा इंजीनियरिया आर्किटेक्चर एवं आयशा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त उद्यम को दिया है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, UPMRC ने लखनऊ मेट्रो लाइन-2 के डिजाइन परामर्श अनुबंध के लिए ‘आयशा’ फर्म को सबसे कम बोली लगाने वाला बोलीदाता घोषित किया गया।
लखनऊ मेट्रो फेज 1बी परियोजना के तहत आयशा की 15.90 करोड़ रुपये की बोली के आधार पर इस अनुबंध की सिफारिश की गई थी। लखनऊ मेट्रो की लाइन-2 परियोजना के अंतर्गत चारबाग रेलवे स्टेशन से वसंत कुंज तक पुराने लखनऊ के रास्ते 11.165 किमी लंबी लाइन-2 का निर्माण शामिल है, जिसमें 12 स्टेशन होंगे।
इस परियोजना को भारत सरकार द्वारा अगस्त 2025 में 5801 करोड़ रूपये की अनुमानित कुल लागत के साथ निर्माण के लिए मंजूरी दी गई थी। फेज 1-बी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ की लाइन-2 के एलिवेटेड खंड की लंबाई 4.28 किमी होगी जबकि भूमिगत खंड की लंबाई 6.87 किमी होगी।








