लखनऊ के आशियाना इलाके में 21 वर्षीय एक युवक ने नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) को लेकर हुए विवाद के बाद लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी और बाद में सबूत नष्ट करने के लिए शरीर के टुकड़े कर दिए। पुलिस ने दो दिन पहले सामने आए इस गंभीर मामले में घटनाओं के क्रम का विवरण देते हुए बुधवार को यह जानकारी दी।बुधवार को एक प्रेस नोट में, लखनऊ पुलिस आयुक्त कार्यालय ने कहा कि आरोपी अक्षत प्रताप सिंह को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि अक्षत ने 23 फरवरी को आशियाना थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता मानवेंद्र सिंह अपने आवास से लापता हो गए हैं लेकिन पूछताछ के दौरान उसके बयान संदिग्ध लगे। पुलिस ने कहा, “लगातार पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने कबूल कर लिया कि 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे नीट को लेकर हुए विवाद के बाद उसने लाइसेंसी राइफल से अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी।”
अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काट दिए। कटे हुए अंगों को पॉलिथीन में लपेटकर नादरगंज इलाके में एक नहर के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया, जबकि शेष धड़ को घर के अंदर रखे नीले प्लास्टिक के ड्रम के अंदर छिपा दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने खुद ही गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक उसकी निशानदेही पर पुलिस ने ड्रम से धड़ और नहर किनारे झाड़ियों से कटे हुए अंग बरामद किए तथा ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास से दो चाकू और दो आरी बरामद की गईं, जहां उन्हें फेंक दिया गया था। पुलिस ने कहा कि सरोजिनी नगर के अनोरा जंगल से एक जला हुआ ऊनी कंबल और राख भी बरामद की गई।
पुलिस का कहना है कि अपराध में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी .315 बोर राइफल, कारतूस और अन्य सबूतों के साथ जब्त कर ली गई है। आशियाना थाने में भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले, अपर पुलिस उपायुक्त (मध्य) जितेंद्र कुमार दुबे ने कहा था कि प्रथम दृष्टया यह घटना पिता द्वारा आरोपी पर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने के लिए बार-बार दबाव डालने से उपजे गुस्से के कारण हुई।
पुलिस उपायुक्त (मध्य) विक्रांत वीर ने कहा था कि एक विवाद के बाद मानवेंद्र सिंह (50) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और आरोपी ने शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके एवं हिस्सों को शहर के विभिन्न स्थानों पर फेंककर सबूत नष्ट करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा था कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की है और साक्ष्य एकत्र किए हैं।
इस मामले ने सेक्टर एल के निवासियों को झकझोर कर रख दिया था, जो शुरू में मानवेंद्र सिंह के लापता होने की सूचना मिलने के बाद उनकी तलाश में परिवार के साथ शामिल हुए थे। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने पड़ोसियों को बताया था कि उसके पिता जरूरी काम से दिल्ली गए हैं, जिससे उनका संदेह दूर हो गया था।








