रामपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जिला कारागार में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद उन्होंने भाजपा सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत आजम खान और उनके परिवार को निशाना बनाने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि आजम खान के परिवार ने जितना अन्याय झेला है, उतना किसी राजनीतिक परिवार ने नहीं झेला।
अखिलेश यादव ने आजम खान के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि झूठे मुकदमों में सच्चाई को लंबे समय तक कैद नहीं रखा जा सकता। उन्होंने आजम खान के स्वास्थ्य के बारे में बताया कि उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, हालांकि जेल में रहने से जुड़ी परेशानियां अब भी बनी हुई हैं।
अखिलेश यादव ने बताया कि आजम खान के साथ उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। गठबंधन सहयोगियों से मिले सुझावों की सूची पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आजम खान ने किसी विधानसभा सीट की मांग नहीं की, बल्कि कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें नोट कर लिया गया है।
रामपुर विधानसभा सीट से सपा के उम्मीदवार को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ”हम अभी इसका खुलासा क्यों करें?” उनके इस बयान के बाद रामपुर सीट पर सपा के संभावित प्रत्याशी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
अखिलेश यादव ने रामराज्य की अवधारणा का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर न्याय और निष्पक्षता की भावना कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रामपुर में रामराज की भावना को दबाया और नष्ट किया गया है। सपा प्रमुख ने कहा कि झूठे मुकदमों में सच्चाई को कैद रखने की ताकत नहीं होती। इसमें समय लग सकता है और देरी हो सकती है, लेकिन सच्चाई को हमेशा दबाकर नहीं रखा जा सकता। उन्होंने आजम खान के खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है और विश्वविद्यालय को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई।उन्होंने कहा कि आजम खान ने इस संस्थान की कल्पना शिक्षा के केंद्र के रूप में की थी, ताकि युवाओं को अपना भविष्य संवारने का अवसर मिल सके।
अखिलेश ने कहा कि आजम खान ने विश्वविद्यालय, शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर जो सपना देखा था, उसे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरा करेंगे। उन्होंने भाजपा पर शिक्षा और ज्ञान को कम महत्व देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की नीतियों से शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा है।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनावी धांधली के आरोप भी लगाए और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान निर्वाचन आयोग को लेकर अपनी पार्टी की ओर से उठाए गए सवालों को दोहराया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का सीधा उद्देश्य भाजपा को हराना है और पार्टी का हर कार्यकर्ता इस चुनौती के लिए तैयार है।सपा प्रमुख ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और रामपुर के लोगों के बीच केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक रिश्ता भी है।
आजम खान को अलग-अलग मामलों में अदालतों द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है। इनमें नफरत भरे भाषण से जुड़े मामले, छजलैट सड़क जाम मामला, फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामला, डूंगरपुर में मकान में तोड़फोड़ का मामला और रामपुर के पूर्व जिलाधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला शामिल हैं।
जन्मतिथि में विसंगति से जुड़े दोहरे पैन कार्ड के मामले में पिछले साल नवंबर में रामपुर की एक अदालत ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई थी। आजम खान ने विभिन्न मामलों में अपनी दोषसिद्धि को अपील के जरिए चुनौती दी है।
अखिलेश यादव का आजम खान के आवास पर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से मिलने का कार्यक्रम भी था। इससे पहले उन्होंने पांच अक्टूबर 2025 को रामपुर का दौरा किया था, जब आजम खान कुछ समय के लिए जमानत पर जेल से बाहर आए थे। बाद में सात नवंबर 2025 को आजम खान ने लखनऊ में अखिलेश यादव के आवास पर उनसे मुलाकात की थी।








