Home अपराध बाघ के जबड़े से पत्नी को छुड़ाने के लिए भिड़ गया पति

बाघ के जबड़े से पत्नी को छुड़ाने के लिए भिड़ गया पति

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महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में बाघों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम लोग खौफ में जी रहे हैं। 8 सितंबर को मूल तहसील के सोमनाथ क्षेत्र से एक और दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें 52 वर्षीय अन्नपूर्णा तुलसीराम बिलोने को बाघ ने मार डाला। यह घटना समाजसेवी बाबा आमटे के प्रोजेक्ट के रिहायशी परिसर में हुई।

घटना को लेकर रेंज फारेस्ट ऑफिसर रामचंद्र शेंडे ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे, अन्नपूर्णा और उनके पति तुलसीराम अपने अपने रोजमर्रा के कामों में लगे थे, तभी अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने महिला पर हमला कर दिया। अपनी पत्नी को बचाने के लिए तुलसीराम बाघ से भिड़ गए, हाथ में लाठी लेकर कई बार हमला भी किया, लेकिन बाघ के जबड़ों से पत्नी को छुड़ाने में नाकाम रहे।

लोगों के शोर मचाने और भीड़ इकट्ठा होने के बाद बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक अन्नपूर्णा की मौत हो चुकी थी।

इस घटना के बाद वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 20,000 रुपये की प्रारंभिक सहायता राशि दी है। रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर रामचंद्र शेंडे ने बताया कि इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है, कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और लोगों को सतर्क रहने के लिए मुनादी भी दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बाघ को पकड़ने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द ही मंजूरी मिलने पर इसे पकड़ा जाएगा।

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यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले, 4 सितंबर को सावली तहसील के पाथरी गांव में 74 वर्षीय पांडुरंग भिकाजी चाचणे की खेत में काम करते समय बाघ के हमले में मौत हो गई थी। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव किया। इसके बाद, वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 सितंबर को इस क्षेत्र में आतंक मचाने वाली एक बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज कर पिंजरे में बंद किया, जिससे ग्रामीणों ने थोड़ी राहत महसूस की।

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