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संटक के बीच LPG लेकर आ रहे हैं दो तेल टैंकर, 2 दिनों में पहुंचने की संभावना

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नई दिल्ली। देश में रसोई गैस LPG की सुचारू आपूर्ति को सुनिश्चित करने में लगी सरकार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और 92 हजार टन एलपीजी से लदे दो भारतीय तेल टैंकरों ने होरमुज जलडमरूमध्य के अशांत क्षेत्र को सफलतापूर्वक पार कर लिया है तथा इनके अगले दो -तीन दिन में भारत पहुंचने की संभावना है।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में मंगलवार को बताया कि दोनों भारतीय तेल टैंकरों जग वसंत और पाइन गैस, ने अस्थिर होरमुज़ जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। उन्होंने कहा कि ये टैंकर 92,612.59 टन एलपीजी लेक रआ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाइन गैस पर 45,000 टन एलपीजी है और इसके 27 मार्च को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। जग वसंत में 47,600 टन एलपीजी है और यह कांडला की ओर बढ़ रहा है। इसके 26 मार्च को पहुंचने का अनुमान है। इन दोनों जहाज़ों के फारस की खाड़ी से निकलने के बाद, होरमुज़ के पश्चिम में अब 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ बच गये हैं।

जग वसंत और पाइन गैस उन 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ों में शामिल थे, जो क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण होरमुज़ जलडमरूमध्य से यातायात बाधित होने के बाद फारस की खाड़ी में फंस गए थे। इन दोनों जहाज़ों पर क्रमशः 33 और 27 भारतीय चालक दल के सदस्य हैं, जो उच्च तनाव वाले क्षेत्र में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित कर रहे हैं। इससे पहले भारत के दो टैंकर शिवालिक और नंदा देवी ने भी पिछले सप्ताह 92,712 टन एलपीजी की आपूर्ति की थी।

सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए सिन्हा ने कहा, “अंततः हम क्षेत्र में फंसे अपने सभी जहाज़ों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शेष जहाज़ों पर सवार भारतीय कर्मियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। उन्होंने कहा, “जब तक सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक हमारे नाविकों की भलाई और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इससे पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। देश में पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक है। रिफाइनरियों में एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है। सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।

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कल कुछ अफवाह फैलाने के मामले हमारे संज्ञान में आए और कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीज़ल को लेकर घबराहट में खरीदारी देखी गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद तेल विपणन कंपनियों और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण जारी किया गया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अफवाहों पर विश्वास न करें और घबराहट में खरीदारी से बचें।

शर्मा ने कहा कि प्राकृतिक गैस के संदर्भ में सरकार देश में पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में कल पीएनजीआरबी ने एक आदेश जारी किया है और सभी सीजीडी इकाइयों को निर्देश दिया है कि जहां आसपास पाइपलाइन अवसंरचना उपलब्ध है, वहां 5 दिनों के भीतर आवासीय स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, सामुदायिक रसोई, आंगनवाड़ी रसोई आदि को पीएनजी कनेक्शन प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि सोमवार को एक ही दिन में लगभग 7,500 घरेलू और वाणिज्यिक कनेक्शन दिए गए। मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित है, लेकिन कई कार्गो की व्यवस्था की गई है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है।

उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 11 लाख प्रवासी श्रमिकों ने कनेक्शन लिया है। पिछले कुछ महीनों में लगभग 73,000 प्रवासी कनेक्शन दिए गए हैं। कल भी 20,000 से अधिक 5 किलोग्राम के सिलेंडर वितरित किए गए। संयुक्त सचिव ने कहा कि इन सभी वाणिज्यिक आपूर्तियों का प्रबंधन राज्य सरकारों के साथ समन्वय में किया जा रहा है ताकि संबंधित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी उपलब्ध कराया जा सके।

सरकार ने राज्य सरकारों से बार-बार अनुरोध किया है कि जमाखोरी और कालाबाज़ारी को रोकने के लिए प्रवर्तन को सख्त किया जाए। लगभग 32 राज्यों में नियंत्रण कक्ष और जिला स्तर की निगरानी समितियां स्थापित की गई हैं। प्रवर्तन कार्रवाई के तहत, कल लगभग 3,400 छापे मारे गए और लगभग 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए। आंध्र प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में छापेमारी की गई।

इसके अलावा, तेल विपणन कंपनियों की टीम भी सक्रिय है और लगभग 1,500 औचक निरीक्षण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार तक लगभग 642 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तेल विपणन कंपनियों ने लगभग 250 डिस्ट्रीब्यूटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और कुछ को निलंबित भी किया गया है।

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