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संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Wed, 12 Apr 2023 11:55 PM IST
उन्नाव। जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र में जरूरी जेनरिक दवाओं की कमी है। स्थिति यह है कि दर्द का स्प्रे और खांसी का सिरप तक नहीं है। वहीं यूरिन इंफेक्शन और खुजली की दवा न होने से मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। जेनरिक दवाओं की अपेक्षा काफी महंगी पेटेंट दवा खरीद रहे मरीज बताते हैं कि बड़ी मिन्नतों के बाद डॉक्टर बाहर से दवा लिखते हैं। जन औषधि केंद्र के संचालक के अनुसार आठ प्रकार की दवाएं नहीं है। मांग पत्र भेजा जा चुका है।
जिला अस्पताल में बने जन औषधि केंद्र में मानक के अनुसार 1600 प्रकार की दवाएं होनी आवश्यक है। लेकिन यह है कि यह सिर्फ कागजों पर है। हकीकत में दवाओं की कमी है। बुधवार को जनऔषधि केंद्र के बाहर मरीजों की लगी लाइन में कई ऐसे मरीज थे जिन्हें दर्द में प्रयोग होने वाला डाइक्लो स्प्रे या फिर डाइक्लो जेल की जरूरत थी। वह औषधि केंद्र में 45 रुपये का मिलता है। जबकि बाहर उसके दाम 170 रुपये हैं। जेल और स्प्रे दोनों ही न होने से मरीज निराश होकर लौट गए। खांसी मेें प्रयोग होने वाली सिरप टरबूटालिन, मल्टी विटमिन कैप्सूल, यूरिन के लिए टेम्सूलोसिन टैबलेट व खुजली की क्रीम केटोकोनाजोल नहीं है। वहीं सर्जिकल में लघुशंका के लिए डाली जाने वाली नली कैथिटर, ब्लड प्रेशर नापने की मशीन, तरल पदार्थ देने के लिए नाक में डाली जाने वाली नली इंड्रोकेथिटर भी नहीं है। यह सब मरीजों को बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही है। यह हाल तब है जब जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 800 से 900 मरीज पहुंच रहे हैं। इन दवाओं का टोटा होने से मरीजों काफी परेशानी हो रही है।
जन औषधि केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट अभिषेक पाल ने बताया कि जो दवाएं नहीं है। उनकी डिमांड लगाई गई है। एक दो दिन में दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी।
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