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Varanasi: मुंबई हमले में आतंकियों से लोहा लेने वाले जिल्लू की ह्रदय गति रुकने से मौत, पसरा मातम

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मुंबई हमले में आतंकियों से लोहा लेने वाले जिल्लू की ह्रदय गति रुकने से मौत

मुंबई हमले में आतंकियों से लोहा लेने वाले जिल्लू की ह्रदय गति रुकने से मौत
– फोटो : अमर उजाला

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26/11 के मुंबई आतंकी हमले में आतंकियों को धूल चटाने वाले आरपीएफ कांस्टेबल जिल्लू यादव की अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिल्लू यादव की हृदय गति रुकने से मंगलवार को उनके पैतृक आवास में उनका निधन हो गया।  
वाराणसी जिले के चोलापुर थाना के मोहाव निवासी जिल्लू यादव की मौत उनके मोहाव स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से हो गई। जिल्लू यादव 26/11 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में छत्रपति शिवाजी टर्मिनल स्टेशन पर तैनात थे उसी समय आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। 
उसी समय जिल्लू यादव की तैनाती छत्रपति शिवाजी स्टेशन पर थी। यह देखकर जिल्लू यादव ने वहां खड़े आरपीएफ के जवान से रायफल छीनकर आतंकियों पर फायरिंग झोंक दिया।  
आतंकियों ने जवाबी फायरिंग भी की लेकिन वह डरे नहीं और आतंकियों को भीटी रेलवे स्टेशन से खदेड़ दिया। इस साहस के लिए तत्कालीन सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति पद से सम्मानित किया था। जिल्लू यादव का जन्म 18 अप्रैल  1957 को मोहाव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। 1979 में आर पी एफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे उनके चार बेटे हैं। 

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26/11 के मुंबई आतंकी हमले में आतंकियों को धूल चटाने वाले आरपीएफ कांस्टेबल जिल्लू यादव की अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिल्लू यादव की हृदय गति रुकने से मंगलवार को उनके पैतृक आवास में उनका निधन हो गया।  

वाराणसी जिले के चोलापुर थाना के मोहाव निवासी जिल्लू यादव की मौत उनके मोहाव स्थित आवास पर हृदय गति रुकने से हो गई। जिल्लू यादव 26/11 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में छत्रपति शिवाजी टर्मिनल स्टेशन पर तैनात थे उसी समय आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। 

उसी समय जिल्लू यादव की तैनाती छत्रपति शिवाजी स्टेशन पर थी। यह देखकर जिल्लू यादव ने वहां खड़े आरपीएफ के जवान से रायफल छीनकर आतंकियों पर फायरिंग झोंक दिया।  

आतंकियों ने जवाबी फायरिंग भी की लेकिन वह डरे नहीं और आतंकियों को भीटी रेलवे स्टेशन से खदेड़ दिया। इस साहस के लिए तत्कालीन सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति पद से सम्मानित किया था। जिल्लू यादव का जन्म 18 अप्रैल  1957 को मोहाव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। 1979 में आर पी एफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे उनके चार बेटे हैं। 



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