नोएडा में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ में रणदीप भाटी गैंग का शूटर मारा गया है। दोनों तरह से हुई गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। DCP प्रीति यादव के मुताबिक, यह मुठभेड़ सेक्टर 126 थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस मुठभेड़ में रणदीप भाटी गैंग का शूटर माया उर्फ अमन त्यागी मारा गया। बदमाश पर 50,000 रुपये इनाम घोषित था।
डीसीपी प्रीति यादव ने बताया कि 31 अक्टूबर की शाम को पुलिस को सूचना मिली कि SOG टीम और सेक्टर 126 की पुलिस तलाशी अभियान चला रही है। चेकिंग के लिए एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उसने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी भी घायल हो गया। मौके को तुरंत घेर लिया गया और घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान अपराधी की मौत हो गई।
मृतक की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी अमन त्यागी के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस अपराधी पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित था। हाल ही में, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर थाना बादलपुर क्षेत्र में फायरिंग की एक घटना को अंजाम दिया था, जिसके संबंध में मामला दर्ज है और कानूनी कार्रवाई चल रही है।
साल 2019 में माया ‘फेज 2’ पुलिस के साथ हुए एक एनकाउंटर में शामिल था। इस घटना के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। अमन उर्फ माया त्यागी ने मुजफ्फरनगर में हत्या समेत कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। रॉबिन त्यागी के साथ निजी दुश्मनी के चलते, माया ने उसके साथ मिलकर एक गैंग चलाना शुरू कर दिया। बाद में रॉबिन की दोस्ती रणदीप भाटी से हो गई। पुलिस से बचने के लिए माया ने भी रणदीप की शरण ली और ग्रेटर नोएडा में छिपकर रहने लगा। उसने कई सालों तक रणदीप गैंग के साथ काम किया।
एक शार्पशूटर के तौर पर रॉबिन और रणदीप भाटी, दोनों ही गैंग में माया की काफी अहमियत थी। कहा जाता है कि ग्रेटर नोएडा में देवेंद्र भाटी और झुम्मनपुरा के एक ठेकेदार की हत्या और जुनपत में हुए दोहरे हत्याकांड में माया की मुख्य भूमिका थी। इससे पहले पिछले महीने गाजियाबाद में भी पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस एनकाउंटर में एक बदमाश घायल हो गया था।








