Home अपराध आखिर क्यों अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन को एलडीए ने कर दिया...

आखिर क्यों अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन को एलडीए ने कर दिया था निरस्त

0
44

लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब भवन से जुड़े पुराने दस्तावेज और प्राधिकरण की कार्रवाई गंभीर सवालों के घेरे में हैं। सोमवार को जिस भवन में आग लगने की यह दुःखद घटना हुई, उसके खिलाफ वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था, लेकिन दो माह से कम समय में ही उस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।

अलीगंज योजना के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या एमएस/102/डी मूल रूप से 11 जुलाई 1980 को लॉटरी प्रणाली के तहत विजय कुमार पुत्र रामेश्वर सहाय को किराया-क्रय पद्धति पर आवंटित किया गया था। 4 नवंबर 1980 को अनुबंध निष्पादित होने के बाद भवन का कब्जा आवंटी को सौंप दिया गया। 2005 में यह भवन विक्रय विलेख के जरिए विजय कुमार और उनकी पत्नी उषा के नाम दर्ज हुआ। वहीं 19 जनवरी 2013 को इन लोगों ने यह भवन वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला और सुरेन्द्र प्रताप शुक्ला के नाम बेच दिया। 7 अगस्त 2014 को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र व सुरेन्द्र के पक्ष में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की। करीब 1992 वर्गफीट क्षेत्रफल वाले इस भवन का मानचित्र 20 अगस्त 2014 को स्वतः मानचित्र योजना के तहत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था।

यह भी पढ़ें -  सऊदी, ईरान ने फिर से स्थापित किए संबंध, डील से प्रभावित हो सकते हैं ये क्षेत्र

हालांकि, बाद में भवन में अनधिकृत निर्माण की बात सामने आई। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला के खिलाफ मुकदमा संख्या-08/2016 दर्ज कराया। जांच के बाद विहित प्राधिकारी ने 10 मई 2016 को अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया। लेकिन, ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के दो माह के अंदर ही 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।

अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के नेतृत्व में केके गौतम , चीफ इंजीनियर एलडीए मानवेंद्र सिंह , बिजली विभाग प्रमुख मनोज सागर और ओएसडी रविनंदन सिंह सभी पहलुओं की जांच करेंगे। सीएम योगी के आदेश पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के AE अनिल कुमार, JE प्रमोद पांडे को सस्पेंड कर दिया गया है। इनके अलावा कमलेन्द्र कुमार सिंह, FSSO इंदिरा नगर और गौरव कुमार, एक्सेन कलेक्शन जानकीपुरम को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

लखनऊ अग्निकांड में मरने वालों में कानपुर के दो युवक भी शामिल है। दोनों युवक बिल्डिंग में मौजूद एनिमेशन शॉप में थ्रीडी आर्टिस्ट का काम करते थे। एक ही दुकान में काम करने के कारण दोनों अच्छे दोस्त थे। घटना की जानकारी के बाद दोनों युवकों के परिवार में कोहराम मच गया। उनके परिवार लखनऊ के लिए रवाना हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here