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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: मैनपुरी की महिलाओं ने जमीन से आसमां तक फहराया परचम, बनाई अपनी पहचान

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सार

कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों… इन पंक्तियों को चरितार्थ किया है मैनपुरी की नारी शक्ति ने। जिले की कई महिलाओं ने अपने दम पर अपनी पहचान बनाई है। 

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मैनपुरी की महिलाओं ने जमीन से लेकर आसमां तक परचम फहराया है। नारी शक्ति ने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए कुछ न कुछ ऐसा काम किया, जिससे उन्हें समाज में पहचान मिली। किसी ने रक्तदान करके दूसरों की जान बचाई, तो किसी ने बच्चों को उच्च शिक्षा दी। बात जज्बे की करें तो वायुयान उड़ाकर मैनपुरी की महिलाओं ने इतिहास रचने का काम किया है। 

मैनपुरी के विकास खंड सुल्तानगंज क्षेत्र के गांव दिलीपपुर कैलई निवासी सूबेदार मेजर शिव कुमार सिंह कुशवाहा की पुत्रवधु स्वाति राठौर पत्नी मेजर वैभव सिंह कुशवाहा भारतीय वायु सेवा में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात हैं। स्वाति राठौर ने हाल ही में 26 जनवरी 2022 को दिल्ली में आयोजित होने वाले फ्लाई पास्ट कार्यक्रम में दूसरी बार महिला पायलट बनकर आसमां में उड़ान भरी। 

इससे पहले स्वाति 26 जनवरी 2021 में भी गणतंत्र दिवस परेड में प्लेन उड़ाकर जिले का नाम रोशन किया है। स्वाति राठौर वर्तमान में जम्मू कश्मीर में तैनात हैं और मिल एमआई-17 हेलीकॉप्टर उड़ाने का काम कर रही हैं। स्वाति राठौर का कहना है कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। देश सेवा का यदि जज्बा मन में है तो किसी प्रकार का कोई डर या भय नहीं होता।

20 बार रक्तदान करके बचाई दूसरों की जान

शहर के करहल रोड निवासी प्रवीन पालीवाल की पत्नी निशा पालीवाल ने दूसरों की जान बचाने का संकल्प लिया है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार निशा पालीवाल अब तक 20 बार रक्तदान कर चुकी हैं। उनका कहना है कि ये बात ठीक है कि महिलाओं में रक्त की कमी अधिक होती है, लेकिन यदि खान-पान और दिनचर्या पर ध्यान दिया जाए तो महिलाएं भी रक्तदान कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि वह साल में दो बार रक्तदान करती हैं। उन्हें किसी प्रकार की शारीरिक रूप से परेशानी नहीं है। 

पांच बार किया रक्तदान 

शहर के करहल रोड निवासी नवीन पालीवाल की पत्नी मोनिका पालीवाल ने पांच बार रक्तदान कर लोगों की जान बचाई है। मोनिका का कहना है कि रक्तदान महादान है। खून किसी मशीन में नहीं बनता है। रक्तदान करने से किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं होती है। यदि हमारे खून से किसी दूसरे की जान बच सकती है तो यह हमारे लिए गौरव की बात है। उनका कहना है कि उन्होंने जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में पंजीकरण कराकर रखा है। जब भी ब्लड बैंक से कॉल आती है वह रक्तदान अवश्य करती हैं। साल में दो बार उनका रक्तदान करने का लक्ष्य है।

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सरिता प्रदेश में कर रहीं जिले का नाम रोशन

शहर के मोहल्ला शिवनगर रामलीला मैदान निवासी शिक्षिका सरिता देवी वर्तमान में घिरोर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नाहिली द्वितीय में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। सरिता देवी जब प्राथमिक विद्यालय नाहिली में पहुंची थीं तो वहां छात्र संख्या मात्र 65 थी। 
उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने के बाद विद्यालय में न केवल भौतिक परिवेश सुधारा बल्कि शिक्षा के स्तर में भी मूलभूत सुधार किया। इसका परिणाम यह हुआ कि अब प्राथमिक विद्यालय नाहिली द्वितीय में छात्र संख्या 152 है। शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें राज्य स्तर पर कई बार सम्मान मिला वहीं पर्यावरण को लेकर विद्यालय में चलाए जा रहे विप्रो अर्थियन पर्यावरण मित्र के रूप में भी उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।

सरिता देवी के नाम उपलब्धियां

– राज्य स्तरीय आदर्श पाठ योजना में राज्य स्तर पर सम्मानित
– विप्रो अर्थियन पर्यावरण मित्र के रूप में राज्य स्तर पर सम्मानित
– अरविंदा सोसाइटी द्वारा नवाचारों के क्रियान्वयन के लिए जनपद स्तर पर सम्मानित
– बीएसए द्वारा वर्ष 2018 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित
– वर्ष 2021 में महिला शिक्षिका के रूप में शिक्षक दिवस पर जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित
– विद्यालय के भौतिक परिवेश को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर वीडियो हुआ शामिल

विस्तार

मैनपुरी की महिलाओं ने जमीन से लेकर आसमां तक परचम फहराया है। नारी शक्ति ने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए कुछ न कुछ ऐसा काम किया, जिससे उन्हें समाज में पहचान मिली। किसी ने रक्तदान करके दूसरों की जान बचाई, तो किसी ने बच्चों को उच्च शिक्षा दी। बात जज्बे की करें तो वायुयान उड़ाकर मैनपुरी की महिलाओं ने इतिहास रचने का काम किया है। 

मैनपुरी के विकास खंड सुल्तानगंज क्षेत्र के गांव दिलीपपुर कैलई निवासी सूबेदार मेजर शिव कुमार सिंह कुशवाहा की पुत्रवधु स्वाति राठौर पत्नी मेजर वैभव सिंह कुशवाहा भारतीय वायु सेवा में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात हैं। स्वाति राठौर ने हाल ही में 26 जनवरी 2022 को दिल्ली में आयोजित होने वाले फ्लाई पास्ट कार्यक्रम में दूसरी बार महिला पायलट बनकर आसमां में उड़ान भरी। 

इससे पहले स्वाति 26 जनवरी 2021 में भी गणतंत्र दिवस परेड में प्लेन उड़ाकर जिले का नाम रोशन किया है। स्वाति राठौर वर्तमान में जम्मू कश्मीर में तैनात हैं और मिल एमआई-17 हेलीकॉप्टर उड़ाने का काम कर रही हैं। स्वाति राठौर का कहना है कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। देश सेवा का यदि जज्बा मन में है तो किसी प्रकार का कोई डर या भय नहीं होता।

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