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आगरा: प्रधानमंत्री मोदी और अभिनेत्री कंगना रनौत के मामले में पांच मार्च को होंगे गवाहों के बयान

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अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 21 Feb 2022 07:14 PM IST

सार

इस मामले में वादी अधिवक्ता रमाशंकर अदालत में अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए अदालत ने अब पांच मार्च की तारीख नियत की है।

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आगरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ प्रस्तुत परिवाद में गवाहों के बयान पांच मार्च को होंगे। राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। अन्य गवाहों के बयान होने हैं।

अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 23 नवंबर 2021 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ राष्ट्रद्रोह और प्रधानमंत्री द्वारा कोई कार्रवाई न कर राष्ट्रद्रोह का बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। 

इस पर अदालत में दायर परिवाद में गवाहों के बयान होने थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, 28 फरवरी तक कोई गवाही न होने के कारण सीजेएम ने गवाहों के बयान के लिए पांच मार्च की तिथि नियत की है। इस मामले में वादी अधिवक्ता ने 15 दिसंबर 2021 को अदालत में अपने बयान दर्ज कराए थे। 

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विस्तार

आगरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ प्रस्तुत परिवाद में गवाहों के बयान पांच मार्च को होंगे। राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। अन्य गवाहों के बयान होने हैं।

अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 23 नवंबर 2021 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ राष्ट्रद्रोह और प्रधानमंत्री द्वारा कोई कार्रवाई न कर राष्ट्रद्रोह का बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। 

इस पर अदालत में दायर परिवाद में गवाहों के बयान होने थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, 28 फरवरी तक कोई गवाही न होने के कारण सीजेएम ने गवाहों के बयान के लिए पांच मार्च की तिथि नियत की है। इस मामले में वादी अधिवक्ता ने 15 दिसंबर 2021 को अदालत में अपने बयान दर्ज कराए थे। 

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