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खाद के लिए महिलाएं लगा रही केंद्रों पर लाइन

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उन्नाव। रबी सीजन में खाद (डीएपी) के लिए जमकर मारामारी मची हुई है। स्थिति यह है कि महिलाएं कामधंधा छोडकऱ केंद्रों पर लाइन लगा रही हैं। सुबह से शाम तक लाइन लगाने के बाद भी खाली हाथ मायूस होकर केंद्रों से लौटना भी पड़ रही है। वहीं अधिकारी केंद्रों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के दावे कर रहे हैं।
अचलगंज के इफ्को सेंटर पर खाद के लिए शुक्रवार सुबह ही किसानों की भीड़ पहुंच गई। केंद्र खुलने से पहले ही किसानों की लंबी लाइन लग गई। इसमें महिलाओं की संख्या भी काफी रही। महिलाएं व युवतियां भी केंद्र के बाहर लाइन में बैठी रहीं। वहीं पुरुषों की अलग लाइन लगी थी। इसके अलावा दूर, दूर तक किसान खाद लेने के लिए खड़े नजर आ रहे थे। जैसे ही केंद्र खुला वैसे ही पहले खाद लेने के लिए किसानों में धक्कामुक्की शुरू हो गई।
इसी बीच केंद्र प्रभारी ने पुलिस को सूचना दी। फिर सिपाही पहुंचे और किसानों की लाइन सही कराकर वितरण कराया। केंद्र पर किसानों का प्रति बोरी के साथ 250 रुपये की नैनो यूरिया भी दी गई। जिससे किसानों में नाराजगी रही। जानकारों के मुताबिक, विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण में चौदह समितियां हैं, जिनमें शुक्रवार तक एक भी केंद्र पर डीएपी नहीं है।
सहरसों व आलू की बुवाई वैसे ही पिछड़ चुकी है लेकिन अब डीएपी न मिलने से गेहूं की फसल लेट होने की आशंका बढ़ गई है।
जिला सहकारी समिति के अध्यक्ष हरि सहाय मिश्र मदन ने बताया कि जिले पर खाद का स्टॉक आ गया है। एक दो दिन में सभी सहकारी समितियों पर डीएपी पहुंच जाएगी।
सफीपुर/पुरवा। अहाता सोसाइटी पर पूरे दिन ताला लटका रहा। यहां पर किसान ताला खुलने और खाद मिलने की उम्मीद में डेरा जमाए बैठे रहे। किसानों में ब्रम्हणा के नरेंद्र सिंह, रोशन नगर के दिनेश यादव, रामभजन, करीमाबाद के सर्वेश कुमार, खैरी चंदेला के रवींद्र कुमार, सकहन के छोटेलाल, तेजापुरवा के नेकराम ने बताया कि कई दिन से वापस लौटना पड़ रहा है। सचिव कमल दीक्षित का फोन लगातार बंद बता रहा है।
वहीं पुरवा क्षेत्र की पांच साधन सहकारी समितियों में खाद नहीं है। चमियानी व त्रिपुरारपुर में 400, 400 बोरी डीएपी पूर्व में आई थी। वितरण के बाद अब यहां भी खाद खत्म हो गई है। पासाखेड़ा, तुसरौर, बेहटाभवानी, पकराबुजुर्ग व दरेहटा में डीएपी नहीं है। सहकारिता एडीओ पंचायत आशीष कुमार ने बताया कि समितियों में जल्द खाद आने की उम्मीद है।
लगातार समितियों व इफको केंद्रों को डीएपी भेजी जा रही है। नवाबगंज, बिछिया, मियागंज, हसनगंज, सिकंदरपुर कर्ण, सरोसी, औरास की 12 समितियों को पिछले तीन दिनों में 4600 बोरी डीएपी भेजी जा चुकी है। प्रतिदिन समितियों को 20 एमटी खाद भेजने की रिपोर्ट मिल रही है। किसान परेशान न हों। निजी कंपनियों की भी खाद आ गई है।
कुलदीप मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।
पुरवा। राजकीय कृषि बीज भंडार में बेहतर पैदावर के लिए पांच प्रजाति का गेहूं का बीज उपलब्ध है। इनमें करन वंदना 187, डीवीडब्लू 222, एचडी 3086, केआरएल 283 व पीवीडब्लू 343 प्रजाति शामिल है। प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि बीज किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर दिया जा रहा है। इसके लिए किसान पासबुक, खतौनी व आधार साथ लेकर आए। सलाह दी कि किसान नवंबर के अंत तक हर हाल में गेहूं की बुवाई कर दें। (संवाद)

यह भी पढ़ें -  उन्नाव : सीबीसी मशीन खराब, जांच के लिए भटके मरीजड

उन्नाव। रबी सीजन में खाद (डीएपी) के लिए जमकर मारामारी मची हुई है। स्थिति यह है कि महिलाएं कामधंधा छोडकऱ केंद्रों पर लाइन लगा रही हैं। सुबह से शाम तक लाइन लगाने के बाद भी खाली हाथ मायूस होकर केंद्रों से लौटना भी पड़ रही है। वहीं अधिकारी केंद्रों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के दावे कर रहे हैं।

अचलगंज के इफ्को सेंटर पर खाद के लिए शुक्रवार सुबह ही किसानों की भीड़ पहुंच गई। केंद्र खुलने से पहले ही किसानों की लंबी लाइन लग गई। इसमें महिलाओं की संख्या भी काफी रही। महिलाएं व युवतियां भी केंद्र के बाहर लाइन में बैठी रहीं। वहीं पुरुषों की अलग लाइन लगी थी। इसके अलावा दूर, दूर तक किसान खाद लेने के लिए खड़े नजर आ रहे थे। जैसे ही केंद्र खुला वैसे ही पहले खाद लेने के लिए किसानों में धक्कामुक्की शुरू हो गई।

इसी बीच केंद्र प्रभारी ने पुलिस को सूचना दी। फिर सिपाही पहुंचे और किसानों की लाइन सही कराकर वितरण कराया। केंद्र पर किसानों का प्रति बोरी के साथ 250 रुपये की नैनो यूरिया भी दी गई। जिससे किसानों में नाराजगी रही। जानकारों के मुताबिक, विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण में चौदह समितियां हैं, जिनमें शुक्रवार तक एक भी केंद्र पर डीएपी नहीं है।

सहरसों व आलू की बुवाई वैसे ही पिछड़ चुकी है लेकिन अब डीएपी न मिलने से गेहूं की फसल लेट होने की आशंका बढ़ गई है।

जिला सहकारी समिति के अध्यक्ष हरि सहाय मिश्र मदन ने बताया कि जिले पर खाद का स्टॉक आ गया है। एक दो दिन में सभी सहकारी समितियों पर डीएपी पहुंच जाएगी।

सफीपुर/पुरवा। अहाता सोसाइटी पर पूरे दिन ताला लटका रहा। यहां पर किसान ताला खुलने और खाद मिलने की उम्मीद में डेरा जमाए बैठे रहे। किसानों में ब्रम्हणा के नरेंद्र सिंह, रोशन नगर के दिनेश यादव, रामभजन, करीमाबाद के सर्वेश कुमार, खैरी चंदेला के रवींद्र कुमार, सकहन के छोटेलाल, तेजापुरवा के नेकराम ने बताया कि कई दिन से वापस लौटना पड़ रहा है। सचिव कमल दीक्षित का फोन लगातार बंद बता रहा है।

वहीं पुरवा क्षेत्र की पांच साधन सहकारी समितियों में खाद नहीं है। चमियानी व त्रिपुरारपुर में 400, 400 बोरी डीएपी पूर्व में आई थी। वितरण के बाद अब यहां भी खाद खत्म हो गई है। पासाखेड़ा, तुसरौर, बेहटाभवानी, पकराबुजुर्ग व दरेहटा में डीएपी नहीं है। सहकारिता एडीओ पंचायत आशीष कुमार ने बताया कि समितियों में जल्द खाद आने की उम्मीद है।

लगातार समितियों व इफको केंद्रों को डीएपी भेजी जा रही है। नवाबगंज, बिछिया, मियागंज, हसनगंज, सिकंदरपुर कर्ण, सरोसी, औरास की 12 समितियों को पिछले तीन दिनों में 4600 बोरी डीएपी भेजी जा चुकी है। प्रतिदिन समितियों को 20 एमटी खाद भेजने की रिपोर्ट मिल रही है। किसान परेशान न हों। निजी कंपनियों की भी खाद आ गई है।

कुलदीप मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।

पुरवा। राजकीय कृषि बीज भंडार में बेहतर पैदावर के लिए पांच प्रजाति का गेहूं का बीज उपलब्ध है। इनमें करन वंदना 187, डीवीडब्लू 222, एचडी 3086, केआरएल 283 व पीवीडब्लू 343 प्रजाति शामिल है। प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि बीज किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर दिया जा रहा है। इसके लिए किसान पासबुक, खतौनी व आधार साथ लेकर आए। सलाह दी कि किसान नवंबर के अंत तक हर हाल में गेहूं की बुवाई कर दें। (संवाद)



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