– मिनी नलकूप योजना में 2.50 करोड़ के खर्च पर उठे सवाल
– छह महीने से बोर्ड बैठक नहीं होने और शिकायत करने पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
अक्षत टाइम्स संवाददाता, उन्नाव, 21 जुलाई। मियागंज ब्लॉक क्षेत्र की हैदराबाद नगर पंचायत में विकास कार्यों और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर सभासदों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।। नगर पंचायत के कई सभासदों ने अब खुलकर मोर्चा खोलते हुए विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। सभासदों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि नगर पंचायत में करोड़ों रुपये के काम तो कराए जा रहे हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सभासदों का आरोप है कि करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत से कराई जा रही मिनी नलकूप पेयजल योजना में मानकों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि प्रत्येक नलकूप पर करीब 12 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन काम में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल हैं। आरोप है कि यदि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
पेयजल योजना में मानकों की अनदेखी का आरोप
सभासदों ने ज्ञापन में कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिनी नलकूप लगाए जा रहे हैं। इस योजना पर बड़ी धनराशि खर्च हो रही है। इसके बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सभासदों ने आशंका जताई कि घटिया सामग्री के कारण नलकूप जल्द खराब हो सकते हैं और योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने योजना की तकनीकी जांच, खर्च की समीक्षा और मौके पर हुए काम का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
कान्हा गौशाला में गोवंशों की हालत पर भी सवाल
सभासदों ने कान्हा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि गौशाला में बीमार और कमजोर गोवंशों की देखभाल में लापरवाही बरती जा रही है। चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। इसके अलावा मृत गोवंशों के निस्तारण की व्यवस्था पर भी सभासदों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। सभासदों ने गौशाला के संचालन से जुड़े खर्च और व्यवस्थाओं का भी रिकॉर्ड जांचने की मांग की है।
बोर्ड बैठक नहीं होने से नाराज सभासद
नगर पंचायत के कामकाज को लेकर सभासदों की नाराजगी का एक बड़ा कारण बोर्ड बैठक भी है। सभासदों का कहना है कि करीब छह महीने से बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई गई है। ऐसे में वार्डों की समस्याओं, विकास कार्यों और नगर पंचायत से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। सभासदों का आरोप है कि कई विकास कार्यों की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी जाती। कुछ कार्यों को लेकर उनका कहना है कि सभासदों की जानकारी और सहमति के बिना ही निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने बोर्ड बैठक नियमित रूप से कराने की मांग की है।
शिकायत उठाने पर दबाव बनाने का आरोप
ज्ञापन में सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के कामकाज पर सवाल उठाने या शिकायत करने पर उन्हें दबाव में लेने का प्रयास किया जाता है। कुछ सभासदों ने अध्यक्ष और ठेकेदारों की ओर से धमकाने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में गड़बड़ी का मुद्दा नहीं उठा सकेंगे तो जनता की समस्याएं अधिकारियों तक कैसे पहुंचेंगी।
जांच हुई तो कई मामलों की खुल सकती है परत
सभासदों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मिनी नलकूप योजना, गौशाला, विकास कार्यों और नगर पंचायत के वित्तीय लेनदेन की जांच कराई जानी चाहिए। सभासदों ने कहा कि यदि जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग, घटिया निर्माण या नियमों की अनदेखी की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में सभासद राकेश सिंह, रविशंकर, रिदा खान, संजीत कुमार समेत कई सभासद और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।








